सप्रेस फीचर्स

पर्यावरण पुराण के अनुपम महर्षि

स्मृतिशेष / जयराम शुक्ल अनुपमजी हमेशा जीवंत हैं पानी की एक एक बूँद और पर्यावरण की आत्मा में…। जिस तरह हम बोलते हैं उस तरह तू लिख, और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख…. यशस्वी पिता भवानी प्रसाद मिश्र…

‘आत्मनिर्भरता’ का आधार

डॉ. पीएस वोहरा पिछले कुछ सालों के निजाम में हमारे आर्थिक विकास के लिए एक नया शब्द आया है – ‘आत्मनिर्भरता।अब देखना यह होगा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी रोडमैप के अंतर्गत अर्थव्यवस्था के लिए बनने वाली दूरदर्शी आर्थिक…

जब दंगाग्रस्त भागलपुर में अमन का पैगाम देने पहुंचे थे सुब्बराव

स्‍मृति शेष : एस एन सुब्‍बराव कुमार कृष्णन 93 वर्षीय प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं विचारक पदमश्री से सम्‍मानित डॉ. एसएन सुब्बराव ‘भाई जी’ का 26 अक्‍टूबर की देर रात निधन हो गया। गांधीवादी व्‍यक्तित्‍व के रूप में माने जाने वाले…

अहिंसक निर्भयता का कैसा स्वर्णिम संदेश दुनिया को मिला

एस.एन सुब्बराव महात्मा गांधी को ऐसे जियें अमेरिका के चुने अच्छे लोग भारत में राजदूत बनकर आए। उनमें से एक बुद्धिजीवी थे – चेस्टर बौल्स। जिन्होंने भारत को लेकर एक सुंदर किताब लिखी,  उनकी बेटी ने भी एक किताब लिखी।…

श्रम उत्पादकता को 21% घटा रहा है बढ़ता वेट बल्ब तापमान

वैज्ञानिकों ने भारत को सबसे गर्म महीनों में, जब डब्ल्यूबीजीटी 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच होती है, के दौरान श्रम उत्पादकता के लिहाज से उच्च जोखिम वाले देशों की श्रेणी में रखा है। वैश्विक तापमान में 3 डिग्री…

हासिये पर छूटे असल भारत की तस्वीर दिखाती पुस्तक- एक देश बारह दुनिया

हिन्दी भाषा के ग्रामीण पत्रकार शिरीष खरे की पुस्तक ‘राजपाल एंड संस, नई दिल्ली’ से प्रकाशित होकर अब बाजार में उपलब्ध हो गई है, पुस्तक का नाम है- एक देश बारह दुनिया । इसमें शिरीष खरे ने हासिये पर छूटे…

जलवायु परिवर्तन के कारण बदल रहा है भारत के मानसून का मिजाज़

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से होने वाली चरम घटनाओं का कृषि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, विशेष रूप से भारत के लिए जहां अभी भी खेती की भूमि का एक बड़ा हिस्सा मानसून की बारिश पर निर्भर है। भारत एक…

23 May World Turtle Day: अस्तित्‍व के संकट से जूझते कछुये

हर साल 23 मई को विश्व कछुआ दिवस (World Turtle Day) के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कछुओं और दुनिया भर में उनके तेजी से गायब होते आवासों की रक्षा करना है। यह दिवस 2000 में American Tortoise…

खतरे में पड़ी जैव विविधता

22 मई जैव विविधता दिवस पर विशेष जैव विविधता की दृष्टि से भारत विश्व के समृद्धतम राष्ट्रों में प्रमुख है। भारत की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति होने के कारण पशु-पक्षियों एवं पेड़-पौधों को जितनी अधिक प्रजातियों पाई जाती हैं, उतनी विश्व…

डेविड एटनबरो : प्रकृति और पर्यावरण के लिए मानवीय चेतना को सजग रखने वाले शख्सियत

मशहूर प्रकृतिवादी और प्रसारक सर डेविड एटनबरो आज 95 साल के हो गए प्राकृतिक इतिहासकार डेविड एटनबरो अपने बीबीसी प्रकृति वृत्तचित्रों के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं। वह एक प्राकृतिक इतिहासकार और एक अंग्रेजी प्रसारक हैं। प्राकृतिक दुनिया के…