अपने-अपने देश-काल के बरक्स हम अपने-अपने लोकतंत्र को चुनते, समझते और वापरते हैं, लेकिन क्या यह वही सर्व-जन-हिताय लोकतंत्र होता है जिसके भरोसे दुनिया के हम अधिकांश निवासी अपनी-अपनी वैतरणी पार करने के मंसूबे बांधते हैं? एक-दूसरे को नेस्तनाबूद करने…
आजादी के नतीजे में हमें जो सर्वाधिक काम की बात मिली है, वह है लोकतंत्र, लेकिन क्या हम उसे ठीक तरह से वापर रहे हैं? क्या आज, 78 साल बाद एक देश, एक समाज और एक राज्य की हैसियत से…
देशभर के संगठनों ने भेजा पत्र, राष्ट्रीय एकता दिवस पर उठी आवाज़ नई दिल्ली, 13 अगस्त। भूमि अधिकार आंदोलन के आह्वान पर देशभर के किसान संगठनों, जन आंदोलनों और मानवाधिकार समूहों ने आज राष्ट्रपति को पत्र भेजकर प्राकृतिक संसाधनों की…
सदन में पूछे गए एक सवाल के जवाब में आज पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि देश में ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अनुकूल प्रबंधन के लिए ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022…
धरती के सबसे बड़े जमीनी जीव हाथी, जो बुद्धिमान और सामाजिक स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, आज अस्तित्व के संकट में हैं। आवास विनाश, मानव-हाथी संघर्ष, अवैध शिकार और कैद में दुर्व्यवहार ने उनकी संख्या को तेजी से घटाया…
मानव-हाथी सह-अस्तित्व पर होगा फोकस कोयंबटूर, 12 अगस्त। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, तमिलनाडु वन विभाग के सहयोग से 12 अगस्त को कोयंबटूर में विश्व हाथी दिवस-2025 का आयोजन करेगा। यह वार्षिक आयोजन हाथियों के संरक्षण और उनके दीर्घकालिक…
वाराणसी, 10 अगस्त। साझा संस्कृति मंच वाराणसी के बैनर तले आज कैंटोनमेंट नदेसर चौराहे से लेकर अम्बेडकर मूर्ति, कचहरी तक एक शांति मार्च निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियाँ, गले में तख्तियाँ और चेहरों पर गंभीर संकल्प—इस मार्च का उद्देश्य भारत…
बिहार में जारी वोटर लिस्ट के गहन परीक्षण ने तमाम राजनीतिक पार्टियों के सामने गंभीर संवैधानिक सवाल खडा कर दिया है। ऐसे में क्या एक विकल्प चुनावों का बहिष्कार नहीं हो सकता? बिहार के बहाने जो चुनाव आयोग सारे देश…
दिल्ली और एनसीआर में फैले लैंडफिल ठिकाने सिर्फ कचरे के ढेर नहीं, बल्कि हवा और पानी को ज़हर बना देने वाले खतरनाक गैस कारखाने हैं। यहां से निकलने वाली मीथेन और अन्य जहरीली गैसें वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य संकट और आग…