126 वां जयंती वर्ष : दादा धर्माधिकारी मनुष्य एक-दूसरे के समीप होते हुए भी एक-दूसरे के साथ जीते नहीं हैं। इसमें चन्द बाधाएं हैं। एक है – मालिकी और मिल्कियत। दूसरा है – संप्रदाय या धर्म। तीसरा – जाति। चौथा…
गांधीवादी, समाजकर्मी शोभना रानाडे का 99 वर्ष में निधन पुणे, 4 अगस्त। गांधीवादी विचारों की प्रचारक, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, दूरदर्शी गांधीवादी, पद्मभूषण श्रीमती शोभना रानडे का 4 अगस्त 24 को प्रातः पुणे में निधन हो गया। पूना में जन्मीं शोभना…
पचास के दशक में विनोबा भावे की अगुआई में शुरु हुआ ‘भूदान आंदोलन’ अब किस परिस्थिति में है? क्या उसने अपने घोषित उद्देश्यों में कुछ हासिल किया है? आज भूमि वितरण के इस महायज्ञ में क्या जोडा जा सकता है?…
कुमारप्पापुरम में दो दिवसीय खादी सभा प्रारंभ वर्धा 22 फरवरी। खादी एक समग्र और पूरिपूर्ण विचार है। इसकी बुनियाद सत्य और अहिंसा है। खादी विचार को टिकाने के लिए सरकारी तंत्र से मुक्ति आवश्यक है। वास्तव में खादी बगावत का…
आज से 76 साल पहले महात्मा गांधी हम सबसे सदा के लिए विदा हुए थे। उनके जाने के बाद का समय हमारे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास का समय रहा है, लेकिन इस दौर में गांधी एक प्रस्थान–बिन्दु की तरह…
धरती का जीवन बचाने की खातिर वैश्विक जमावडे ‘कॉप 28’ की विफलताओं के सामने अब महात्मा गांधी खडे किए जा रहे हैं और कमाल यह है कि यह पहल मौजूदा संकटों को पैदा करने वाले पश्चिमी समाज की तरफ से…
राममनोहर लोहिया ने जिन्हें ‘सरकारी’ और ‘मठी’ गांधीवादी कहा था उनमें से अधिकांश ने अपने निजी और सार्वजनिक व्यवहार से गांधी को एक बेहद नीरस, कला विरोधी और मालवी में कहें तो लगभग ‘सूमडा’ की तरह स्थापित किया है। इसके…
बाबा आमटे लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार 2023 तमिलनाडु के आर. सुंदरेशन को दिया जाएगा चंद्रपुर, महाराष्ट्र। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सिन्हा को वर्ष 2023 का Baba Amte बाबा आमटे सामाजिक कार्यकर्ता राष्ट्रीय पुरस्कार तथा 2023 का बाबा आमटे लाइफटाइम…
महात्मा गांधी ने अपने विचारों के क्रियान्वयन के लिए अनेक संस्थाओं का निर्माण किया था। 48 में, उनके जाने के बाद सभी को मिलाकर दो प्रमुख संस्थाएं बनाई गईं, परन्तु आज इन संस्थाओं के क्या हाल हैं? क्या आज भी…
2 अक्टूबर : गांधी जयंती पिछले महीने गांधी-विचार के एक और महत्वपूर्ण केन्द्र, वाराणसी के ‘राजघाट’ को सरकार की शह पर नेस्त-नाबूद कर दिया गया है। ऐसे समय में जब देश-दुनिया को गांधी-विचार की सर्वाधिक जरूरत थी, इस केन्द्र का…