वन्य प्राणी आधुनिक, ‘वैज्ञानिक वानिकी’ में पारंगत हमारे वन विभागों के मंहगे अमले के बावजूद वन और उसमें बसे वन्यप्राणी बच नहीं पा रहे हैं। इस मौजूदा तौर-तरीके में पीढियों से वनों और वन्यप्राणियों के साथ सहजीवन जीते आदिवासियों को…
हर साल 23 मई को विश्व कछुआ दिवस (World Turtle Day) के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कछुओं और दुनिया भर में उनके तेजी से गायब होते आवासों की रक्षा करना है। यह दिवस 2000 में American Tortoise…
प्रकृति के चितेरे, सौम्यता, सादगी की मूर्ति सुन्दरलाल बहुगुणा के अवसान पर देशभर से अनेक संस्थाओं, व्यक्तियों, संगठनों की ओर से स्मृति स्वरूप भावांजलि संदेश प्राप्त हो रहे हैं। श्री बहुगुणा का देश – दुनिया में फैला विशाल संसार उनकी…
विश्व जैव विविधता दिवस या विश्व जैव विविधता संरक्षण दिवस 22 मई को मनाया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रारंभ किया था। सन् 2010 को जैव विविधता का अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया गया था। “जैव विविधता एक प्राकृतिक…
सुन्दरलाल बहुगुणा जी उच्च संत है। कलयुग में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षक है। प्राकृतिक मित्र तो अपना आयु का काल पूरा ही करते है। उन्हें कोविड़ ने आज हमारे से अलग कर दिया है। यह बेहद दुखद है। सुन्दरलाल बहुगुणा…
जिन लहरों से हम अब मुख़ातिब होने वाले हैं उनका ‘पीक’ कभी भी शायद इसलिए नहीं आएगा कि वह नागरिक को नागरिक के ख़िलाफ़ खड़ा करने वाली साबित हो सकती है। जो नागरिक अभी व्यवस्था के ख़िलाफ़ खड़ा है वही…
म्यांमार और इस्रायल में इन दिनों जो हो रहा है, उसे किसी दूसरी तरह से समझना संभव ही नहीं है। इसे म्यांमार के तानाशाहों व म्यांमार की जनता का अंदरूनी मामला मान लिया गया है। वहीं फलस्तीन को यह समझना…
हमारे जीवनकाल में ही हमारे सामने आये नैरेटिव नष्ट हो जाते हैं। आज हमारे बीच हज़ारों सालों पुराने, सैकड़ों सालों पुराने, दसियों सालों पुराने और कुछ सालों पुराने सारे युद्ध एक साथ छिड़ गए हैं। धर्म, जाति, नस्ल, रंग, लिंग,…
अभी पिछले हफ्ते अफगानिस्तान में लडकियों के एक स्कूल के पास हुआ बम विस्फोट, जिसमें करीब पचास लोगों की जानें गई थीं, उन अनेक गंभीर वारदातों में से एक है जो अमरीकी सैनिकों की वापसी की घोषणा के बाद लगातार…
कोरोना वायरस की भीषण त्रासदी ने केन्द्र और राज्य सरकारों की लापरवाहियों की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने समय रहते थोडी समझदारी से काम लिया होता तो आज हम इस बदहाली में नहीं फंसे होते। वे केवल ‘केन्द्रीय स्वास्थ्य…