Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

समसामयिक

कोरोना : महामारी में उघरती स्वास्थ्य-व्यवस्था की बदहाली

कहा जाता है कि संकट में समस्याओं से निपटने की असली परीक्षा होती है। इस लिहाज से देखें तो कोरोना महामारी के दौरान हमारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बुरी तरह भद्द पिटी है। इलाज के लिए दवाओं, उपकरणों और आक्सीजन की…

‘इस’ और ‘उस’ आपातकाल के बीच का असली सच क्या है?

नरेंद्र मोदी को आपातकाल के ‘काले दिनों’ और उस दौरान ‘लोकतांत्रिक मूल्यों’ को कुचले जाने की बात इसलिए नहीं करना चाहिए कि कम से कम आज की परिस्थिति में ‘भक्तों’ के अलावा सामान्य नागरिक उसे गम्भीरता से नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री…

बुन्देलखण्ड में कोविड से पलायन

सूखे और अकाल के चलते बडी संख्‍या में पलायन बुंदेलखंड की नियति बन गई है। कोरोना महामारी ने इसे और भी बढा दिया है। क्या हैं, वहां के हालात? अपने लेख के लिए शिवाशीष ने ‘सेंटर फॉर फाईनेन्शियल एकॉउन्टेबिलिटी’ (सीएफए)…

अखिल गोगोई : एन आई ए कोर्ट द्वारा बरी किया जाना असाधारण ऐतिहासिक फैसला

एनआईए कोर्ट ने असम सरकार को तगड़ा झटका देते हुए विधायक अखिल गोगोई (Akhil Gogoi) को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों में कथित भूमिका के लिए…

निजीकरण से निपटाई जाती रेलवे

भूमंडलीकरण के बाद के सालों की केन्द्र और राज्य की सरकारों ने सरकारी क्षेत्र के तमाम उद्यमों को मिट्टी मोल निजी हाथों में सौंपा है। इस सिलसिले की ताजा शिकार रेलवे हो रही है जिसे मुनाफे के पारंपरिक और ‘नो…

हूल रचते आदिवासी कवि

हूल क्रांति दिवस : 30 जून हूल क्रांति दिवस 30 जून को मनाया जाता है। इसे संथाल विद्रोह भी कहा जाता है।‘संथाल हूल’ के नाम से झारखंड, ओडिशा, बंगाल, बिहार, असम के अलावा देश-विदेश में भी हूल दिवस मनाया जाता…

यह हमारी नहीं, पूंजी और सत्ता की लड़ाई है

डिजीटल प्लेटफॉर्म हैं दुनिया में वे सब पूंजी— बड़ी-से-बड़ी पूंजी— की ताकत पर खड़े हैं। छोटे-तो-छोटे, बड़े-बड़े मुल्कों की आज हिम्मत नहीं है कि इन प्लेटफॉर्मों को सीधी चुनौती दे सकें। इसलिए हाइटेक की मनमानी जारी है। उसकी आजादी की,…

वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ शीर्ष जापानी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार फ़ुकुओका ग्रैंड प्राइज़ से सम्‍मानित

जिस तरह एशिया भीषण बदलावों से गुज़र रहा है, साईनाथ ‘चेतना’ के नए स्रोत तलाश रहे हैं और नागरिक सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। इसी वजह से, वह प्रतिष्ठित फ़ुकुओका पुरस्कार के असली हक़दार हैं। वरिष्ठ पत्रकार और पीपुल्स…

हंसाने वाली गैस अब दूर कर सकेगी अवसाद

शोध में अध्ययनकर्ताओं ने पाया है कि लाफिंग गैस या हंसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड,विशेषतौर पर उपचार-प्रतिरोधी अवसाद वाले लोगों को सुधारने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हाल ही में साइंस ट्रांसलेशनल मैडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक शोधपत्र में…

इसी तरह से दस्तक देता है आपातकाल और अधिनायकवाद!

विधायिका और कार्यपालिका यानी सरकार का जन-भावनाओं के प्रति उदासीन हो जाना या उनसे मुंह फेरे रहना हकीकत में सम्पूर्ण राजनीतिक विपक्ष और संवेदनशील नागरिकों के लिए सबसे बड़ी प्रजातांत्रिक चुनौती होना चाहिए। उन्हें दुःख मनाना चाहिए कि जो फैसले…