वैश्विक पर्यावरण

कोराना काल में प्राणवायु के लिए पेड़

कोविड-19 महामारी के इस दौर में जिस अदृश्‍य, अ-स्पर्शनीय, गंधहीन और केवल महसूस की जाने वाली प्राणवायु यानि ऑक्सीजन की शिद्दत से जरूरत महसूस की जा रही है, वह अपने आसपास की वनस्पतियों, पेडों में भरपूर मौजूद है। लेकिन क्या…

वायरस से बचने के लिए जैव-विविधता

कोरोना वायरस की भीषण चपेट में फंसी दुनिया को आखिर इससे किस तरह निजात मिल सकेगी? साफ दिखाई देता है कि इस तरह के अनेक संकटों से बचने के लिए हमें ‘कोरोना बाद’ की ऐसी बदली हुई दुनिया के बारे…

साफ पर्यावरण के लिए भी याद किया जाएगा, लॉकडाउन

कहावत है कि ‘फिसल पडे की हर गंगा,’ यानि गलती से फिसल गए तो हर गंगा कहकर डुबकी मार ली और पुण्‍य कमा लिया। कोविड-19 के दौर में कुछ ऐसा ही हुआ है। बीमारी से बचने की खातिर देशभर में…

पृथ्‍वी दिवस : पेड़ लगाने का पराक्रम

22 अप्रैल : विश्‍व पृथ्‍वी दिवस पर विशेष प्रकृति को पस्त करके विकसित होने की मारामार में लगा कथित आधुनिक समाज अपने को कालजयी मानने की गफलत भी पाले रहता है, हालांकि उसे अक्सर अपनी इस मान्यता की कीमत भी…

आईये, जाने दुनिया के सबसे बड़े नागरिक आयोजन ‘पृथ्वी दिवस’ (World Earth day) के बारे में

पृथ्वी पर प्रकति का संतुलन बनाये रखने तथा भविष्य में जीवन जीने के लिए प्राकृतिक संपत्ति व संसाधनों को बनाये रखना अति आवश्यक है। धरती को बचाने का आशय है इसकी रक्षा के लिए पहल करना। पृथ्वी हमारा घर है और…

विश्व-समाज की जिम्मेदारी है, पृथ्‍वी को बचाने की

22 अप्रैल : विश्‍व पृथ्‍वी दिवस    इक्कीसवीं सदी आते-आते पर्यावरण की बदहाली ने हमें लगातार उसे याद रखने की मजबूरी के हवाले कर दिया है। विश्व पृथ्वी दिवस को वैश्विक जलवायु (Global warming) संकट के प्रति जागरुकता लाने के…

कुओं से बुझेगी बुंदेलखंड की प्यास

सालाना कर्मकांड की तरह अब फिर पानी पर बिसूरने का मौसम आ गया है। हर साल महाराष्ट्र के विदर्भ की तरह मध्‍यप्रदेश-उत्तरप्रदेश का बुंदेलखंड इस दुख में अगुआ रहता है, लेकिन अधिकांश सरकारी, गैर-सरकारी कोशिशें, एक जमाने में उम्दा खेती…

पर्यावरण संरक्षण में मार्च का महत्व

मार्च का यह महीना पर्यावण के लिहाज से इसलिए भी अहम है क्योंकि पर्यावरण से गहरे जुडे कई मुद्दों की याद दिलाने वाले ‘दिवस’ इसी महीने में पडते हैं। सवाल है कि पूरे जोश-खरोश के साथ मनाए जाने वाले इन…

वायु प्रदूषण से बर्बाद होती जिन्दगी

वायु-प्रदूषण मानवीय जीवन और स्वास्थ्य के लिए दिनों-दिन खतरनाक होता जा रहा है। तरह-तरह के अध्‍ययन बताते हैं कि प्रदूषित हवा ने दूसरी अनेक बीमारियों के मुकाबले अधिक जिन्दगिया ली हैं। केंद्र सरकार की संस्था ‘इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ (आईसीएमआर)…

चमोली त्रासदी की इंसानी वजहें

सीखने-सिखाने के मामले में हमारा ‘ट्रैक-रिकॉर्ड’ कोई उत्साहवर्धक नहीं रहा है। मसलन – उत्तराखंड में हाल में आई भीषण आपदा से क्या हम कुछ सीखेंगे? क्या पहले भी कभी कुछ सीखा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाएं नहीं हों…