वैश्विक पर्यावरण

हिमालयीय प्राकृतिक असंतुलन की वजह बांधों से बनी झीलों से उत्सर्जित हानिकारक गैसें तो नहीं?

आईआईटी रूड़की के वैज्ञानिकों ने शुरू किया अध्ययन spsmedia.in वैश्विक स्तर पर हुए अध्ययन में यह साबित हुआ है कि पिछले 20 वर्षों में मीथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड के मुकाबले जलवायु परिवर्तन में 86 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।…

ग्लोबल वार्मिंग को प्रकृति-आधारित समाधानों से 0.1 डिग्री सेल्सियस कम किये जाने की संभावना

‘नेचर’ में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध का विश्‍लेषण हाल ही में ‘नेचर’  में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध के मुताबिक ‘नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस’ (NBS) याने प्रकृति-आधारित समाधान इस सदी के अंत तक जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में योगदान कर सकते हैं। शोध विश्लेषण…

‘ताऊ ते’ का कहर ; लगातार चौथे साल अरब सागर में आया चक्रवाती तूफ़ान

‘ताऊ ते’ तूफ़ान जलवायु परिवर्तन की पहचान ‘ताऊ ते‘ नामक तूफ़ान फ़िलहाल अगले कुछ घंटों में “गंभीर चक्रवाती तूफान” की शक्ल ले सकता है, ये कहना है भारतीय मौसम विभाग का। इस बात का भी अंदेशा है कि यह गंभीर…

106 राष्ट्रीय जलमार्गों में से केवल 23 ही माल परिवहन की दृष्टि से व्यावहारिक

मंथन अध्ययन केंद्र ने की अंतर्देशीय जलमार्ग कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति पर केंद्रित रिपोर्ट जारी सप्रेस डेस्‍क। सप्रेसमीडिया.इन भारत में लगभग 14,500 किलोमीटर नौगम्य अंतर्देशीय जलमार्ग और करीब 7,517 किलोमीटर समुद्र तट है जल परिवहन को सुगम बनाने के उद्देश्य…

एचएसबीसी के स्वामित्व वाली कंपनियों द्वारा पेाषित कोयला बिजलीघरों के वायु प्रदूषण से होंगी रोज़ाना 51 मौतें

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के अध्ययन में हुआ खुलासा कोयले से होने वाला प्रदूषण कितना खतरनाक व जानलेवा होता है, इसका खुलासा सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए)  के नए शोध से हुआ…

मध्यप्रदेश के बकस्वाहा जंगल के काटने की खबर पर गोलबंद हुए देश भर के पर्यावरण प्रेमी

करीब 382 हेक्टेयर पर लगे जंगल पर है नजर महज चंद लाभ के लिए पर्यावरण से हो रही छेड़छाड़ मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बकस्वाहा जंगल को काटे जाने की खबर पर देश भर के पर्यावरण प्रेमी गोलबंद होने लगे…

जलवायु परिवर्तन : जीवन के खिलाफ जीवन-पद्धति

तरह-तरह की वैज्ञानिक, पर्यावरणीय और समाजशास्त्रीय शोधें चीख-चीखकर बता रही हैं कि हमारी मौजूदा जीवन पद्धति दरअसल आत्महंता है और इसे बरकरार रखा गया तो बहुत जल्द मानव जाति को अपने अस्तित्व के संकट से दो-चार होना पडेगा। क्या हम…

डेविड एटनबरो : प्रकृति और पर्यावरण के लिए मानवीय चेतना को सजग रखने वाले शख्सियत

मशहूर प्रकृतिवादी और प्रसारक सर डेविड एटनबरो आज 95 साल के हो गए प्राकृतिक इतिहासकार डेविड एटनबरो अपने बीबीसी प्रकृति वृत्तचित्रों के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं। वह एक प्राकृतिक इतिहासकार और एक अंग्रेजी प्रसारक हैं। प्राकृतिक दुनिया के…

खतरनाक मीथेन गैस उर्त्‍सजन रोकने से हर साल ढाई लाख से ज़्यादा मौतों को रोक सकते है: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की नेतृत्व में क्लाइमेट एंड क्लीन एयर कोएलिशन (जलवायु और स्वच्छ वायु गठबंधन) द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, हमारे लिए मौजूदा मीथेन न्‍यूनीकरण के उपाय सन् 2045 तक जलवायु परिवर्तन को 0.3 डिग्री सेल्सियस तक सीमित…

प्रदूषण से पस्त होते मौलिक अधिकार

प्रकृति को ‘प्रसाद’ मानने और उसी लिहाज से उसके ‘फलों’ का उपभोग करने की नैतिक, आध्यात्मिक निष्ठा के अलावा बीसवीं सदी में रचा गया हमारा संविधान भी पर्यावरण को लेकर खासा सचेत है। उसके कई हिस्से जल, जंगल, जमीन, वायु…