Month: April 2025

कृषि कंपनियों में बढ़े महिला भागीदारी

भारतीय कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, लेकिन नेतृत्व और औपचारिक रोजगार में उनकी हिस्सेदारी अब भी बेहद कम है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस असमानता को दूर करने के लिए महिलाओं को संसाधनों, प्रशिक्षण और निर्णय-निर्धारण में…

नर्मदा घाटी में पुनर्वास अधूरा, संघर्ष जारी, शासन की उपेक्षा से गहराया संकट : मेधा पाटकर

मध्यप्रदेश में 32,000 भूखंड आवंटित, लेकिन अधिकांश की रजिस्ट्री अब तक लंबित बडवानी, 21 अप्रैल। नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में नर्मदा घाटी के हजारों विस्थापितों की बदहाली पर गहरी चिंता…

संवेदनहीन विकास और संकट में पृथ्वी का भविष्य

बढ़ते भौतिक विकास की दौड़ में मानव ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसके दुष्परिणाम अब स्पष्ट दिखने लगे हैं—असामान्य तापमान, बदलता मौसम और प्राकृतिक आपदाएं इसका प्रमाण हैं। ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ हमें यह याद दिलाता है कि…

22 April World Earth Day : आत्महंता समाज की अंतहीन कहानी

विचित्र है, जिस प्रकृति-पर्यावरण की मेहरबानी से इंसान न सिर्फ जीवित है, बल्कि फल-फूल रहा है, उसी प्रकृति-पर्यावरण के प्रति इंसान में गहरी कटुता और जहर कैसे, कहां से पैदा हो गया? इतना जहर कि उसे जानते-बूझते, तिल-तिलकर मारते जरा…

सोलर टेक्नोलॉजी से क्रांति : जिम्मी मगिलिगन की सोच को वरुण ने किया साकार

जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह के छठे दिन कार्यशाला का आयोजन इंदौर, 20 अप्रैल 2025। जिम्मी मगिलिगन का जीवन स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणा है। उनकी सोच थी कि छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव…

भारत का भू-सांस्कृतिक मानचित्र : संस्कृति और प्रकृति की समरसता का दस्तावेज

भारत की विविध भूमि, जलवायु और सांस्कृतिक पहचान को एक साथ दर्शाने वाला “भारत का भू-सांस्कृतिक मानचित्र” तरुण भारत संघ की एक अभिनव पहल है। यह मानचित्र देश की आत्मा से जुड़ी प्रकृति और संस्कृति के रिश्ते को उजागर करता…

कैसे चंबल के खूंखार डाकू बन गए जल संरक्षण के सिपाही

चंबल में तरुण भारत संघ ने जल संरक्षण के ज़रिए बदला बागियों का जीवन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर फैले चंबल क्षेत्र को कभी डकैतों की धरती कहा जाता था, लेकिन आज यही धरती जल संरक्षण और शांतिपूर्ण जीवन…

सतत जीवन शैली : आज की ज़रूरत, कल का भविष्य—डॉ. जनक पलटा मगिलिगन

इंदौर, 19 अप्रैल। “सतत जीवनशैली अब विकल्प नहीं, बल्कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाते हुए जल, ऊर्जा और संसाधनों का संरक्षण करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ…

बदहाल हैं, यम की बहन यमुना

पुराणों में यमुना को मृत्यु के देवता यम की बहन बताया गया है, लेकिन हमारी आती-जाती सरकारें और जहां-का-तहां बैठा समाज इस धारणा को भी ठेंगे पर मारता है। देश की एन राजधानी में यमुना को बदहाल करने में किसी…

सस्टेनेबल फूड के ज़रिए स्वस्थ भविष्य की संकल्‍पना

स्वस्थ प्राणियों और प्रकृति के लिए सस्टेनेबल फूड विषय पर प्रेरक कार्यशाला सम्‍पन्‍न इंदौर, 18 अप्रैल। जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा “जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डिवेलपमेंट सप्ताह” के अंतर्गत चौथे दिन लाइफ केयर हॉस्पिटल में “स्वस्थ…