जलवायु – परिवर्तन का नतीजा है, आकाशीय बिजली गिरना
बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली का गिरना यूं तो एक आम बात है, लेकिन उसकी वजह जानना चाहें तो पता चलता है कि यह हमारे मौजूदा कथित विकास का ही एक और नतीजा है। विकास की मार्फत लगातार उत्सर्जित…
हमें चाहिए प्रोग्रेसिव स्कूल, जहां मिले बेहतर शिक्षा और समान अवसर : सोनाझारिया मिंज
17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस में पर्यावरण, कृषि, आजीविका, लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विमर्श भोपाल, 8 जून। 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस में पर्यावरण, कृषि, आजीविका, लैंगिक समानता जैसे विषयों पर आज सेमिनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन…
ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों का बढ़ा-चढ़ाकर न बताएं
हाल ही में जलवायु मॉडलों की मदद से किए गए कुछ अध्ययनों के निष्कर्ष प्रकाशित हुए हैं। एक अध्ययन का दावा है कि आर्कटिक वर्षा अपेक्षा से काफी पहले 2060 के दशक तक ही प्रभावी हो जाएगी जबकि एक अन्य…
अंतरिक्ष विज्ञान : खगोलविदों ने खोजी सबसे दूरस्थ मंदाकिनी (Galaxies) एचडी1
बीते ब्रह्मांड की गुत्थियों को सुलझाने में जुटे खगोल शास्त्रियों की एक अंतर्राष्ट्रीय टीम ने हाल ही में अब तक की सबसे दूर स्थित मंदाकिनी को खोजने का दावा किया है। धरती से तकरीबन 13.5 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी…
भोपाल में 6 से 9 जून को होगा अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस का आयोजन
देशभर के 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिकों करेंगे शिरकत भोपाल, 28 अप्रैल। आगामी 6 से 9 जून के बीच 4 दिवसीय 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस का आयोजन भोपाल में किया जा रहा है। ऑल…
रेडियोधर्मी कचरे का एक लाख वर्ष तक भंडारण!
कोयला संयंत्रों की तुलना में परमाणु उर्जा को स्वच्छ उर्जा माना जाता है। परमाणु उर्जा संयंत्रों की दक्षता भी अधिक होती है – समान मात्रा में कोयले की तुलना में 20,000 गुना अधिक उर्जा प्राप्त होती है। लेकिन इन संयंत्रों…
अब बी कार्बन न्यूट्रल एप से जान पाएंगे अपना कार्बन फुटप्रिंट, एप करेगा मदद कार्बन न्यूट्रल होने में
ग्लासगो में भारत के साल 2070 तक नेट ज़ीरो होने की घोषणा के बाद से नेट ज़ीरो ख़ासा चर्चित शब्द बन गया है। इतना कि गूगल पर “नेट ज़ीरो क्या होता है” सर्च करते ही 0.74 सेकंड में 3,78,00,00,000 नतीजे सामने आने लगे है। भारत के…
पर्यावरण संरक्षण से पनपता रोजगार
पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं अक्सर समाज के हाशिए पर बसे लोगों को बेदखल करके बनती, बनाई जाती हैं, जबकि थोडी समझदारी रखी जाए तो उसी समाज की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार भी पैदा किए जा सकते हैं।…
हिमालयीय प्राकृतिक असंतुलन की वजह बांधों से बनी झीलों से उत्सर्जित हानिकारक गैसें तो नहीं?
आईआईटी रूड़की के वैज्ञानिकों ने शुरू किया अध्ययन spsmedia.in वैश्विक स्तर पर हुए अध्ययन में यह साबित हुआ है कि पिछले 20 वर्षों में मीथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड के मुकाबले जलवायु परिवर्तन में 86 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।…








