हमारे फुटपाथ कौन हजम कर रहा?
आज़ादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी यदि नागरिकों को सुरक्षित फुटपाथ के अधिकार के लिए सर्वोच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़े, तो यह हमारे शहरी विकास मॉडल की बड़ी विफलता है। न्यायालय का हालिया फैसला पैदल यात्रियों के अधिकारों…
चंबल घाटी में अहिंसा के लिए विद्यालय
हिंसा केवल बंदूक या संघर्ष का नाम नहीं, बल्कि शोषण, असमानता और अन्याय भी उसके रूप हैं। ऐसे में अहिंसक समाज की स्थापना केवल विचार नहीं, बल्कि निरंतर सामाजिक अभ्यास की मांग करती है। चंबल की धरती से प्रस्तावित ‘अहिंसा…

