कोरोना संकट पर सामान्य ज्ञान
कोरोना वायरस ने इन दिनों दुनियाभर में खलबली मचा दी है। अमीर-गरीब, ऊंचा-नीचा, काला-गोरा, गरज कि हर नस्ल और फितरत के इंसान को कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया है। इससे कैसे निपटा जाए? यह सभी को बार-बार बताया…
भीड़ में तब्दील होता राष्ट्र
महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के सुदूर इलाकों से आई भीड की हिंसा की ताजा खबरों ने सभी को बेचैन कर दिया है। बे-वजह और आमतौर पर कमजोरों पर होने वाली ये घटनाएं मॉब-लिंचिंग सरीखी वीभत्सता में भी तब्दील हो…
‘कोविड-19’ के आगे की राह
कोरोना वायरस से होने वाली ‘कोविड-19’ बीमारी की मौजूदा अफरा-तफरी में भविष्य के सवाल पूछना लाजिमी है। क्या हम जैसे हैं, वैसे या उससे भी बदतर ‘वापस’ लौट आएंगे? या फिर इस दौर से सीखकर कुछ नया, बेहतर और कारगर संसार रचेंगे? अचानक देश और दुनिया का…
राहत की राजनीति
कोरोना के कहर ने राहत की राजनीति को भी उजागर कर दिया है। प्राकृतिक, मानव-निर्मित आपदाओं में पीडित-प्रभावितों की मदद के लिए बहत्तर सालों से सक्रिय ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सहायता कोष’ को खिसकाकर अब नया ‘प्रधानमंत्री केयर्स फंड’ लाया जा रहा है। कहा जा…
सभ्यता का शैतान मुस्कुराने लगा है
आज, जब कोरोना वायरस की चपेट में आकर समूची दुनिया अपने इतिहास के पहले व्यापक वैश्विक बंद को भुगत रही है, क्या मोहनदास करमचंद गांधी याद नहीं किए जाना चाहिए? करीब सत्तर साल पहले एक सिरफिरे की गोली से संसार त्यागने वाले गांधी…
कोरोना संकट में समझें बदलाव की जरूरत
कोरोना की महामारी ने गरीब देशों की शर्मनाक गैर-बराबरी, हिंसा और संसाधन-हीनता को उजागर कर दिया है। अब सवाल उठने लगे हैं कि पहले से बदहाल लोगों को कोरोना सरीखे संकट से कैसे बचाया जा सकता है? और क्या ऐसी…
अंधविश्वास की बजाए अक्ल से जीतें, कोरोना का मोर्चा
कई तरह की अच्छाई-बुराई, समझ-नासमझी और विश्वास-अंधविश्वास महामारी के दौर में और भी तीखे रूप में उभर कर सामने आ जाते हैं, लेकिन क्या बुराई, नासमझी और अंधविश्वास के सहारे संकट पर काबू पाया जा सकता है? कोरोना वायरस के…
कोरोना प्रभावित श्रमिकों की सुध लीजिए
कोरोना यानि ‘कोविड-19’ ने देश की कामकाजी आबादी को सर्वाधिक संकट में डाल दिया है। संक्रमण के डर और बिना उत्पादन के बैठे-बिठाए रखने-खिलाने की जिम्मेदारी ने छोटे और मझौले उद्योगों को मजदूरों से मुंह फेरने के लिए मजबूर कर…
कोरोना पीडितों के लिए कितने तैयार हैं, हमारे स्कूल?
मौजूदा महामारी से घबराकर अपने-अपने गांवों-घरों की ओर लौटते लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे रास्ते के स्कूलों में ‘लॉक डाउन’ के चलते कुछ दिन रुक जाएं। यह आग्रह उनसे भी किया जा रहा है जो शहरों,…









