Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2020

‘डूबत खातों’ की भरपाई के लिए बैंकों ने लगाए मनमाने शुल्क

विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे (कु) ख्यात व्यापारियों की मार्फत डूबे बैंकों के हजारों करोड़ रुपयों ने ‘एनपीए’ यानि डूबत खाते को सार्वजनिक बहस-मुबाहिसों का मुद्दा बना है। देश की अर्थव्यवस्था के साथ हुए इस खुले खेल ने बैंकों…

परमाणु बम : आत्म-रक्षण का नहीं विनाश का अस्त्र है

6 अगस्त 2020 ‘हिरोशिमा दिवस’  : तबाही के 75 साल युद्ध, और वह भी परमाणु युद्ध की मार्फत अपने तमाम अडौसी-पडौसियों को सीधा कर देने के लिए बावले होते आज के कथित ‘देशभक्‍तों’ को 75 साल पहले जापान के हिरोशिमा (6अगस्‍त)…

मंदिर निर्माण का श्रेय इतिहास में किसके नाम दर्ज होगा ?

क्या कारण हो सकता है कि आडवाणी और तमाम नेता उस श्रेय को लेने से इनकार कर रहे हैं जिसके वे पूरी तरह से हक़दार हैं ? क्या ऐसा मान लिया जाए कि बाबरी का विध्वंस एक अलग घटना थी…

छ: सौ अरब बनाम पांच रूपये रोज के मायने

आंकडों का मायाजाल बहुत भयावह होता है। जैसे यह डेढ़ सौ रूपये की राहत सामग्री के आंकडों की घोषणा में कहा गया अस्सी करोड़ विपन्न लोगों को जुलाई से नवम्बर याने पांच माह तक राशन देने पर एक सौ बीस…

ग्राहकों का बैंकों के प्रति टूटता भरोसा

बैंकों ने अपने सेवा शुल्क बढ़ा दिये हैं जिससे न केवल बैंकों के साथ उनके ग्राहकों के संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है बल्कि बैंकिंग प्रणाली के प्रति उनका भरोसा भी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। अब बैंक न…

जहरीली ‘जीएम’ फसलों पर जरूरी है, नियंत्रण

आजकल कैंसर और उस जैसी अनेक गंभीर बीमारियों के विस्‍फोट ने हमारे खान-पान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी दौर में पता चल रहा है कि पूंजी की अपनी हवस में पागल हो रही बहुराष्‍ट्रीय कंपनियों ने ‘जीनेटिकली…

राजनीति के रहनुमा और राजनीतिक कुकर्म

राजस्‍थान की मौजूदा राजनीतिक उठापटक से और कुछ हो-न-हो, इतना पक्‍का है कि वहां के राजनेताओं को देशभर को हलाकान करने वाला कोरोना वायरस अस्तित्‍वहीन लगता है। गरीबी, भुखमरी और तिल-तिल कर मरता आम जीवन राजस्‍थान के राजनेताओं के लिए…

जनता की अदालत में देश की विधायिका

इन दिनों राजस्‍थान में और उसके पहले मध्‍यप्रदेश समेत अनेक राज्‍यों में लोकतंत्र का जो मखौल उडाया जा रहा है उसमें कौन हस्‍तक्षेप करके उसे पटरी पर ला सकता है? विधायिका की गफलतों पर अंकुश लगाने के लिए संविधान में…

बर्बाद होता अनाज और बेकार होता ‘अन्‍नदाताओं’ का श्रम

भरपूर उत्‍पादन और तीखी भुखमरी के बीच की उलटबासी के मैदानी अनुभवों की एक बडी वजह हर साल होती अनाज की बर्बादी और उसके लिए जरूरी भंडारण का अभाव है। अनाज की बर्बादी हमारे यहां सालाना होने वाली एक शर्मनाक…

‘निजता’ पर भारी ‘जीवन’ का अधिकार

कोरोना वायरस से उपजी बीमारी ‘कोविड-19’ से निपटने के लिए सरकार ने ‘आरोग्य सेतु’ नामक ‘एप’ को ‘डाउनलोड’ करना अनिवार्य कर दिया है। इस ‘एप’ की मार्फत सरकार चाहे तो किसी की भी नितांत निजी जिन्‍दगी में झांक सकती है,…