राजनीति

संदेह के घेरे में नागरिकों का राष्ट्रप्रेम नहीं, नायकों का सत्ताप्रेम है !

चीन और पाकिस्तान के साथ अब तक हुई लड़ाइयों के अनुभव यही रहे हैं कि एक स्थिति के बाद नागरिक सरकार-आधारित स्रोतों को पूरी तरह से अविश्वसनीय मानने लगते हैं और सही सूचनाओं के लिए बाहरी स्रोतों पर ज़्यादा भरोसा…

आज भी अधूरे हैं, मार्टिन लूथर किंग के सपने

लल्जाशंकर हरदेनिया दुनिया के सर्वाधिक सम्‍पन्‍न और लोकतांत्रिक कहे जाने वाले देश अमरीका में वहां के अश्‍वेत नागरिकों के साथ जैसा व्‍यवहार हो रहा है, उसकी एक बानगी अभी डेढ हफ्ते पहले अमरीकी शहर मिनियोपोलिस में देखने को मिली। वहां…

हमें शर्मिंदा होने की क़तई ज़रूरत नहीं, सबकुछ ऐसे ही चलेगा

नई दिल्ली से कोई बारह हज़ार किलो मीटर दूर एक अश्वेत नागरिक की मौत पर अगर हम चिंतित होना चाहें तो भी कई कारणों से ऐसा नहीं कर पायेंगे। वह इसलिए कि तब हमें अपनी ही पुलिस व्यवस्था, उसके सांप्रदायिक…

अब ‘एक देश, एक पार्टी‘ की ओर बढ़ते कदम ?

जनता को इस समय अपनी जान के मुक़ाबले ज़्यादा चिंता इस बात की भी है कि जैसे-जैसे लॉक डाउन ढीला हो रहा है और किराना सामान की दुकानें खुल रही हैं, सभी तरह के अपराधियों के दफ़्तर और उनके गोदामों…

बीमार मानसिकता, सिर्फ़ ‘अपने’ ही बीमारों की चिंता !

केजरीवाल की चिंता को यूँ भी गढ़ा जा सकता है कि जो दिल्ली के मतदाता हैं और जिनकी सरकार बनाने-बिगाड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, चिकित्सा सुविधाओं पर हक़ भी उन्हीं का होना चाहिए। उन्हें क़तई नाराज़ नहीं किया जा…

गांधी तो अभी भी प्लेटफ़ॉर्म पर ही हैं, उनका केवल देश बदला है !

श्रवण गर्ग अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास स्थान ‘व्हाइट हाउस’ के सामने की एक सड़क का नाम बदलकर ‘’Black Lives Matter”(अश्वेतों का जीवन मायने रखता है) कर दिया गया है।पाँच जून को दिन के उजाले में बड़े-बड़े शब्दों में समूची चौड़ी…

अमेरिका और चीन के बीच में हम

आज भारत में भले ही भारतीयता और भारतीय संस्कृति की तेजी से बात चलती हो लेकिन वास्तव में भारत बुरी तरह चीन और अमेरिकी माडल के आकर्षण में खिंच रहा है। इस दौरान वह अपनी परंपरा और इतिहास भी भूलता…

भीड़ में तब्‍दील होता राष्ट्र

महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के सुदूर इलाकों से आई भीड की हिंसा की ताजा खबरों ने सभी को बेचैन कर दिया है। बे-वजह और आमतौर पर कमजोरों पर होने वाली ये घटनाएं मॉब-लिंचिंग सरीखी वीभत्‍सता में भी तब्‍दील हो…

राहत की राजनीति

कोरोना के कहर ने राहत की राजनीति को भी उजागर कर दिया है। प्राकृतिक, मानव-निर्मित आपदाओं में पीडित-प्रभावितों की मदद के लिए बहत्‍तर सालों से सक्रिय  ‘प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय सहायता कोष’ को खिसकाकर अब नया ‘प्रधानमंत्री केयर्स फंड’ लाया जा रहा है। कहा जा…