जनआंदोलन

अनेक जनसंगठनों ने की नर्मदा नव निर्माण अभियान के ट्रस्टियों पर लगाए गए बेबुनियादी आरोपों की कड़ी निन्दा

मेधा पाटकर व 11 ट्रस्टियों के खिलाफ की गई एफ़आईआर खारिज करने की मांग बडवानी। मेधा पाटकर और नर्मदा नव निर्माण अभियान के ट्रस्टियों के खिलाफ हुई एफआईआर को लेकर देशभर के 30 से अधिक जनसंगठनों और संस्‍थाओं ने कड़ी…

मेधा पाटकर एवं अन्य 11 ट्रस्टियों पर दर्ज फर्जी एफआईआर रद्द करे सरकार

 2007 में सर्वोच्च न्यायालय ने पाया था झूठे आरोपों को बेबुनियाद ज्ञातव्‍य है कि प्रीतम राज बड़ोले नामक युवक की शिकायत पर बड़वानी कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जिसमें…

सौ साल का ‘मुलशी सत्याग्रह’ : अस्सी साल की किताब

कम ही लोगों को मालूम होगा कि विस्थापन-पुनर्वास से लेकर विकास की अवधारण तक पर सवाल उठाने वाली बांध विरोध की ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ की लडाई सौ साल पुराने ‘मुलशी सत्याग्रह’ की विरासत का ही एक पडाव है। उस जमाने…

जल, जंगल, जमीन पर हक, किसान, मछुआरे, मजदूर और हाशिए पर खड़े समुदाय के संघर्षों को तेज करने का संकल्प

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय के राष्ट्रीय समन्वयकों की दो दिवसीय बैठक 17-18 जून को गांधी भवन, भोपाल में  सम्पन्न हुई । देश 16 राज्यों से आए जानदोलनों के नेताओं ने अपने राज्यों चल रहे संघर्षों के बारे में चर्चा…

चे ग्वेवारा : संघर्षरत जनता का वैश्विक प्रतिनिधि

दुनियाभर के युवाओं में आज भी खासे लोकप्रिय चे ग्वेवारा को अमेरिका की ‘टाइम’ पत्रिका ने बीसवीं सदी के सौ ‘सर्वाधिक महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों’ में से एक माना है। आखिर कैसे बनते हैं, चे सरीखे युवा क्रांतिकारी? उनके आसपास की राजनैतिक,…

उड़ीसा के पारादीप में जिंदल परियोजनाओं का गांधीवादी संगठनों ने किया कड़ा विरोध

भुवनेश्वर: पारादीप के पास जिंदल स्टील वर्क्स (जेएसडब्ल्यू) द्वारा 50,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विश्वस्तरीय 1.2 करोड़ टन वार्षिक क्षमता वाले कारखाने, 900 मेगावॉट के बिजली संयंत्र और 3,000 एकड़ भूमि में खुद के इस्तेमाल (कैप्टिव) के बंदरगाह…

बांध : विस्थापन की बेचैनी

करीब आधी सदी में पूंजी और इंसानों के ढेरों संसाधन लगाकर पश्चिमी मध्यप्रदेश में ‘सरदार सरोवर जल-विद्युत परियोजना’ खडी तो कर ली गई है, गाहे-बगाहे उसके गुणगान भी किए जाते हैं, लेकिन उसकी चपेट में आई ढाई सौ गांवों की…

सीताराम बाबा : एक सदैव जलती मशाल !

तीन दशक से ज्यादा का ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ उन अनेक स्थानीय, अनजान कार्यकर्ताओं की अद्भुद जिजीविषा और संघर्ष के हौसले से अपनी सफल यात्रा कर सका है। इनमें से एक थे – कडमाल गांव के सीताराम बाबा। तीन सितम्बर को…

किसानी, जवानी और पानी बचाने के लिए किसान स्वराज यात्रा निकलेगी

गांधी जयंती से शुरू होकर संविधान दिवस पर दिल्ली में होगी समाप्त किसानी, जवानी और पानी बचाने के लिए किसान स्वराज यात्रा निकाली जाएगी। इसका आह्वान मशहूर पर्यावरणविद और जल संरक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह ने किया है। विश्व अहिंसा दिवस…

नर्मदा को निगलती ‘विकास’ परियोजनाएं

आधुनिक विकास को विनाश में तब्दील होते देखना हो तो देश के ठीक बीच से प्रवाहित नर्मदा नदी के साथ किया जाने वाला दुर्व्यवहार देख लेना चाहिए। यह जानना सचमुच बेहद दुखदायी है कि कोई सत्ता और समाज कैसे अपनी…