स्‍वास्‍थ्‍य

 रहन सहन : मोटापा भी एक बीमारी है

सिर्फ भूख ही नहीं, भोजन भी हमें बीमार करता है। असीमित, अस्वास्थ्यकर खान-पान और कथित आधुनिक रहन-सहन हमें लगातार मोटापे की चपेट में फांस रहे हैं। यह बीमारी इस हद तक पहुंच गई है कि खुद देश के प्रधानमंत्री तक…

‘सभी के लिए स्वास्थ्य’ की माँग के साथ जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया की राष्ट्रव्यापी पहल

राष्ट्रपति, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री समेत 18 राज्यों के 120 जिलों में जिला अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन नई दिल्ली, 7 अप्रैल । विश्व स्वास्थ्य दिवस 2025 की थीम “स्वस्थ शुरुआत, आशाजनक भविष्य” के अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSA India)…

जन स्वास्थ्य अधिकार की अनदेखी : निजीकरण की ओर भागती नीतियां

7 अप्रैल को जब दुनिया ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ मना रही है, भारत में यह सवाल और गंभीर हो उठता है – क्या देश के हर नागरिक को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल पा रही हैं? संविधान…

World Health Day 7 April : अधूरी स्वास्थ्य सेवाएं, अधूरे सपने

पूरी दुनिया इस साल ‘स्वस्थ शुरुआत, आशापूर्ण भविष्य’ विषय के साथ 75वां विश्व स्वास्थ्य दिवस मना रही है। यदि पिछले कुछ वर्षों की स्वास्थ्य दिवस की थीम पर नजर डालें तो 2024 का विषय था ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार’, 2023…

तकनीक के तनाव : मोबाइल पर जुआ

कुछ साल पहले हमारे जीवन को आसान बनाने की खातिर आए मोबाइल फोन ने अब अपनी तकनीक से कई तरह के संकट खड़े कर दिए हैं। इनमें से एक है, ‘ऑन लाइन गेमिंग’ जिसने बच्चों तक को अपनी चपेट में…

मोटापा : वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बढ़ता खतरा

दुनियाभर के लिए मोटापा कितना गंभीर रोग बनता जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया में हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे का शिकार है। स्वास्थ्य को लेकर जारी कई रिपोर्ट इस…

अनैतिक क्लीनिकल मामलों की निगरानी की जरूरत, यह गंभीर मामला : सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली/इंदौर, 21 मार्च। सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर में अनैतिक क्लिनिकल परीक्षणों से जुड़े मामलों की गंभीरता को स्वीकार करते हुए सरकार को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल किया जाए। यह निर्देश स्वास्थ्य अधिकार…

प्लास्टिक प्रदूषण – एक जानलेवा संकट

आधुनिक विकास के नाम पर जिन ‘भस्मासुरों’ को बनाया, बढ़ाया जा रहा है, प्लास्टिक उनमें से एक है। कुल-जमा सौ-सवा सौ साल पहले ईजाद किया गया यह कारनामा आज प्रकृति-पर्यावरण और इंसानों के अस्तित्व के लिए संकट बन गया है।…

समाज की जरूरत है, महिला स्वास्थ्य

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ (8 मार्च)  वैसे तो बेहतर स्वास्थ्य समूचे समाज की बुनियादी जरूरत है, लेकिन महिलाओं के लिए इसकी खासी अहमियत है। अव्वल तो वे अपने भीतर जीवन रचती हैं, नतीजे में उनकी शारीरिक बनावट बेहद पेचीदी रहती है। दूसरे, हमारे…

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विनिवेश नहीं, बल्कि प्रभावी सार्वजनिक निवेश आवश्यक – प्रो. डॉ. रमा बारु

जन स्वास्थ्य सम्मान 2024 से डॉ. घनश्याम दास वर्मा और कैलाश मीणा सम्‍मानित भोपाल, 6 मार्च। ग्यारहवीं डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर (डॉ.) रमा वी. बारु ने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में हो…