Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

स्‍वास्‍थ्‍य

गैस पीड़ितों के विशिष्ट इलाज में विफल भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र (BMHRC)

एक दशक पहले तक जिस भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशिऐलटि अस्पताल के रूप में थी जहाँ बारह से ज्यादा उच्चत्तर चिकित्सा विभागों में कंसल्टेंट कार्यरत रहते थे और आठ बाह्य चिकित्सा यूनिट्स…

प्रकृति : जिन्दा रहने की जद्दोजेहद

अब यह कोई दुराव-छिपाव की बात नहीं रही है कि हमारे आम-फहम जीवन में लगातार गिरावट आती जा रही है और इसकी वजह भी हम खुद ही हैं। आखिर किस तरह हम अपनी इस बदहाली से पार पा सकते हैं?…

अवसाद की असलियत : समझ कम, सुविधाएं नाकाफी

वैसे हमारे समाज में अवसाद कोई संकट नहीं माना जाता, लेकिन अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढती आत्महत्याओं ने इस मान्यता को खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र, मध्‍यप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यहां तक कि पंजाब सरीखे ‘हरित-क्रांति’ वाले राज्यों…

उदास समाज के लिए कम ही सही, हँसी तो जरुरी है

हंसने के प्रति आप गंभीर नहीं तो जान लें कि आम तौर पर 23 साल की उम्र के आस पास लोगों का हास्य बोध घटने लगता है| मांसपेशियों के कमज़ोर होने और आखों की रोशनी के घटने से भी ज्यादा…

बूस्टर डोज़ का महत्व निजी नहीं, सार्वजनिक है

महामारी के टीके द्वारा हमारा लक्ष्य है कि कम से कम 80 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो जाए ताकि समाज में एक ‘कवच’ बन जाए और महामारी को फैलने का रास्ता ना मिले। यह एक सार्वजनिक ज़रूरत है। इसे मात्र…

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी है, विकेन्द्रीकरण

हाल के ‘कोविड-19’ ने एक बार फिर उजागर कर दिया है कि हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं बेहद लचर हैं। क्या है, जिसके चलते हम सस्ती, सर्वसुलभ और सेवाभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर नहीं कर पाते? एक कारण है, सरकारी…

International Yoga Day 2022 : खूब बिकने वाला सामान भी है ‘योगा’

चालीस अरब डॉलर का है योग उद्योग| योग से मिली उर्जा का उपयोग पूंजीवादी अच्छी तरह करते हैं। योग से कर्मचारी ज्यादा उर्जावान महसूस करेंगे और ज्यादा काम करने में सक्षम होंगें। काम से होने वाले तनाव को भी योग…

विवाद में मौतें : कोविड की कहानी

पिछले दिनों ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ ने दुनियाभर में कोविड-19 से हुई मौतों के आंकडे जारी किए हैं। इनमें भारत के आंकडे भी शामिल हैं, लेकिन केन्द्र सरकार ने उन्हें ‘बढा-चढाकर दिए गए आंकडे’ कहकर खारिज कर दिया है। क्या है,…