वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के 76% के लिए अकेले G20 देश ज़िम्मेदार
चीन वैश्विक उत्सर्जन के एक चौथाई से ज़्यादा के लिए ज़िम्मेदार है। चीन ने 2060 तक नेट ज़ीरो को हासिल करने,2030 तक उच्चतम उत्सर्जन तक पहुंचने और 2025 के बाद कोयले के उपयोग को कम करने के लिए प्रतिबद्धता दी…
कृत्रिम ऑक्सीजन पर भारी है, प्राकृतिक प्राणवायु
कोरोना महामारी के दौरान सर्वाधिक याद किया जाने वाला तत्व ऑक्सीजन या प्राणवायु रहा है जो हमारे आसपास के पेड-पौधों की मेहरबानी से वायुमंडल में इफरात में मौजूद है, लेकिन उसके साथ हम क्या करते हैं? ‘केजी-1’ में पढने वाले…
श्रम उत्पादकता को 21% घटा रहा है बढ़ता वेट बल्ब तापमान
वैज्ञानिकों ने भारत को सबसे गर्म महीनों में, जब डब्ल्यूबीजीटी 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच होती है, के दौरान श्रम उत्पादकता के लिहाज से उच्च जोखिम वाले देशों की श्रेणी में रखा है। वैश्विक तापमान में 3 डिग्री…
जलवायु परिवर्तन के कारण बदल रहा है भारत के मानसून का मिजाज़
ग्लोबल वार्मिंग की वजह से होने वाली चरम घटनाओं का कृषि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, विशेष रूप से भारत के लिए जहां अभी भी खेती की भूमि का एक बड़ा हिस्सा मानसून की बारिश पर निर्भर है। भारत एक…
पिघलते ग्लेशियर और जलवायु परिवर्तन की मार, कर रही है हिंदु कुश क्षेत्र पर वार
‘साइंस’ जर्नल में प्रकाशित ताजा अध्ययन के निष्कर्ष हिमालय-काराकोरम पर्वत श्रंखलाओं के ग्लेशियर पिघलने से एक बिलियन से ज्यादा लोगों की पानी सम्बन्धी जरूरतें पूरी होती हैं। अगर इस पूरी सदी के दौरान ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा पिघल जाता…
दुगुना प्रभाव बढ़ाएगा मानसून में मुंबई की परेशानी, जलवायु परिवर्तन का असर भी साफ़
जलवायु परिवर्तन के कारण तटीय भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात बढ़ रहे हैं, अनियोजित विकास इन शहरों की भेद्यता में इजाफा करता है। उदाहरण के लिए, पिछले एक दशक में भारत में बाढ़ से 3 अरब डॉलर की आर्थिक क्षति हुई…
धरती पर भरपूर नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन, हर इंसान की ऊर्जा ज़रूरत हो सकती है पूरी
दुनिया के पास अपनी ऊर्जा मांग की ज़रुरत से काफ़ी ज़्यादा मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन मौजूद हैं। इन संसाधनों का सही से प्रयोग हो तो विश्व के प्रत्येक व्यक्ति की ऊर्जा मांगों को पूरा किया किया जा सकता है।…
ग्लोबल वार्मिंग के कारण वर्ष 2100 में भारत की जीडीपी 10 प्रतिशत तक गिर सकती है
जलवायु परिवर्तन भारत और अन्य विकासशील देशों के लिए कितना घातक साबित हो सकता है उसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक दशक में भारत में बाढ़ से 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक क्षति हुई, जो…
जलवायु समझौते के बावजूद नहीं थम रही कोयले की चाहत
दोगुने से ज्यादा हुआ है ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया का ‘स्कोप 3’ उत्सर्जन आप जब यह रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, उस वक़्त दुनिया भर के कोयला उत्पादक सक्रिय रूप से 2.2 बिलियन टन प्रति वर्ष की दर से नई खदान परियोजनाओं पर काम…
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव; दक्षिण पश्चिमी मानसून पर पड़ता असर
जलवायु परिवर्तन का मौसम की बदलती तर्ज से गहरा नाता है और यह ताकतवर चक्रवाती तूफानों तथा बारिश के परिवर्तित होते कालचक्र से साफ जाहिर भी होता है। इसका विनाशकारी रूप अब दक्षिण पश्चिमी मानसून पर भी असर डालता दिख…









