भावी पीढी़ के लिए नागरिकों को प्रकृति संरक्षण के लिए ग्रीन-निवेश करने की जरूरत
इंदौर 23 अप्रैल 2023। वर्तमान समय पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से हरियाली नष्ट हो रही है, पृथ्वी पर हरियाली नष्ट होने से प्रकृति के तत्वों के बीच असंतुलन हो गया है इससे पर्यावरण प्रदूषित होता जा रहा है। पेड़ों की…
पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण कार्यकर्ता एवं लेखक कुमार सिद्धार्थ ‘पर्यावरण रत्न’ सम्मान से अंलकृत
इंदौर, 23 अप्रैल । विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर पर्यावरण संरक्षण अनुसंधान एवं विकास केंद्र (सीईपीआरडी), इंदौर द्वारा आयोजित पर्यावरण गोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्त्ता, पत्रकार, पर्यावरण विकास पत्रिका के…
वन्य जीवन : जंगलराज में सभ्यता
पढे-लिखे आधुनिक समाज में जंगल को बर्बरता, असभ्यता और पिछडेपन का ऐसा प्रतीक माना जाता है जिसमें ‘सर्वाइवल ऑफ दि फिटेस्ट’ यानि ‘सक्षम की सत्ता’ ही एकमात्र जीवन-मंत्र है, लेकिन क्या सचमुच ऐसा ही है? जंगल को जानने-समझने वाले इसके…
अनुभव से आई एक किताब : ‘सभ्यता का संकट बनाम आदिवासियत’
झारखंड के मधुपुर इलाके में बरसों से गैर-दलीय राजनीतिक-सामाजिक कार्य में लगे घनश्याम ने हाल में अपने करीब आधी सदी के अनुभवों पर एक किताब लिखी है। जाहिर है, इसमें तरह-तरह के खट्टे-मीठे अनुभवों, विपरीत परिस्थितियों के साथ-साथ कठिन समय…



