Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2021

सरकार ने संवैधानिक रूप से मिले ‘विरोध का अधिकार’ और ‘आतंकवादी गतिविधि’ के बीच अंतर की रेखा को धुंधला कर दिया

फादर स्टेन की मृत्यु पर मजदूर किसान शक्ति संगठन ने जारी किया वक्तव्य राजस्थान में स्थित मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) ने फादर स्टेन स्वामी की मौत पर दुख व्‍यक्‍त करते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी झारखण्ड…

बड़ा सवाल : फादर स्टेन स्वामी की मौत का जिम्मेदार कौन?

भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए एक्टिविस्ट फादर स्टेन स्वामी (Stan Swamy) का निधन हो गया है। हाल ही में बहुत ज्यादा तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया…

कोरोना : महामारी में उघरती स्वास्थ्य-व्यवस्था की बदहाली

कहा जाता है कि संकट में समस्याओं से निपटने की असली परीक्षा होती है। इस लिहाज से देखें तो कोरोना महामारी के दौरान हमारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बुरी तरह भद्द पिटी है। इलाज के लिए दवाओं, उपकरणों और आक्सीजन की…

ख्वाजा अहमद अब्बास : फिल्म और कलम इनके लिए क्रांति के औजार थे

– विनीत तिवारी  अब्बास ख्वाजा अहमद साहब की प्रतिभा का एक बड़ा क्षेत्र उनकी पत्रकारिता भी थी। “ब्लिट्ज” में छपने वाला उनका स्तम्भ “लास्ट पेज” इतना लोकप्रिय था कि अनेक पाठक अखबार को आख़िरी पन्ने से पढ़ना शुरू करते थे।…

कोरोना से बच्चों को बचाने की कोशिशें

पिछले डेढ-दो सालों से दुनियाभर को बदहवास रखने वाली कोविड-19 महामारी ने बच्चों को सर्वाधिक प्रभावित किया है। उनके स्कूलों, खेल के मैदानों, घरों तक में एक ऐसा अनजाना डर पैठ गया है जिसने उनके सहज जीवन को मटियामेट कर…

‘इस’ और ‘उस’ आपातकाल के बीच का असली सच क्या है?

नरेंद्र मोदी को आपातकाल के ‘काले दिनों’ और उस दौरान ‘लोकतांत्रिक मूल्यों’ को कुचले जाने की बात इसलिए नहीं करना चाहिए कि कम से कम आज की परिस्थिति में ‘भक्तों’ के अलावा सामान्य नागरिक उसे गम्भीरता से नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री…

बुन्देलखण्ड में कोविड से पलायन

सूखे और अकाल के चलते बडी संख्‍या में पलायन बुंदेलखंड की नियति बन गई है। कोरोना महामारी ने इसे और भी बढा दिया है। क्या हैं, वहां के हालात? अपने लेख के लिए शिवाशीष ने ‘सेंटर फॉर फाईनेन्शियल एकॉउन्टेबिलिटी’ (सीएफए)…

हासिये पर छूटे असल भारत की तस्वीर दिखाती पुस्तक- एक देश बारह दुनिया

हिन्दी भाषा के ग्रामीण पत्रकार शिरीष खरे की पुस्तक ‘राजपाल एंड संस, नई दिल्ली’ से प्रकाशित होकर अब बाजार में उपलब्ध हो गई है, पुस्तक का नाम है- एक देश बारह दुनिया । इसमें शिरीष खरे ने हासिये पर छूटे…

अखिल गोगोई : एन आई ए कोर्ट द्वारा बरी किया जाना असाधारण ऐतिहासिक फैसला

एनआईए कोर्ट ने असम सरकार को तगड़ा झटका देते हुए विधायक अखिल गोगोई (Akhil Gogoi) को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों में कथित भूमिका के लिए…

निजीकरण से निपटाई जाती रेलवे

भूमंडलीकरण के बाद के सालों की केन्द्र और राज्य की सरकारों ने सरकारी क्षेत्र के तमाम उद्यमों को मिट्टी मोल निजी हाथों में सौंपा है। इस सिलसिले की ताजा शिकार रेलवे हो रही है जिसे मुनाफे के पारंपरिक और ‘नो…