Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Day: October 2, 2021

अहिंसक निर्भयता का कैसा स्वर्णिम संदेश दुनिया को मिला

एस.एन सुब्बराव महात्मा गांधी को ऐसे जियें अमेरिका के चुने अच्छे लोग भारत में राजदूत बनकर आए। उनमें से एक बुद्धिजीवी थे – चेस्टर बौल्स। जिन्होंने भारत को लेकर एक सुंदर किताब लिखी,  उनकी बेटी ने भी एक किताब लिखी।…

प्रतिमा और पूजा-पाठ तक सीमित गांधी

हमारे समाज की चालाकी है कि वह अपना मार्ग-दर्शन और समीक्षा करने वालों का,भगवानजी से लगाकर महापुरुष तक के दर्जे का महिमामंडन करके, किनारे कर देता है। अपने जीवन को अपना संदेश बताने वाले महात्मा गांधी भी इस कारनामे की…

महात्मा गांधी बूढ़े होते दिख रहे हैं या जवान?

महात्मा गांधी अपनी मृत्यु के बाद और भी युवा होते जा रहे हैं। युवा अवस्था महज शरीर में तेजी से दौड़ने वाले हार्मोन को नहीं कहते। वह विचारों का ऐसा केमिकल लोचा है जो खत्म होने का नाम ही नहीं…

शांति, अशांति,विचार और विचारधारा की बुनियाद

विचार और वस्तु के बीच का सदियों पुराना द्वंद्व क्या साम्प्रदायिक और गैर-साम्प्रदायिक भी हो सकता है? क्या विचार पर विचारधारा की अहमियत एक तरह की साम्प्रदायिकता को जन्म देती है? और क्या अपने चतुर्दिक फैले व्यापक संसार में शांति…