शिक्षा

कोविड के बाद की कक्षाएं

कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 बीमारी अब धीरे-धीरे कम होते हुए समाप्ति के संकेत देने लगी है। जाहिर है, ऐसे में हमें अपने बच्चों के स्कूल फिर से शुरु करना होंगे। लंबे समय बाद स्कूलों, खासकर उच्च और उच्च-माध्यमिक स्तर…

कोरोना-काल में कैसी हो शिक्षा?

आपदा के किसी भी दौर में सबसे पहला शिकार बच्चे और उनकी शिक्षा ही होते हैं। कोविड-19 के पिछले साल-सवा साल में भी बच्चों को अचानक पकडा दिए गए मोबाइल या कम्प्यूटर की मार्फत पढाया-लिखाया जा रहा है। क्या भौतिक…

शिक्षा का केन्द्रीय बजट यानि ‘गरीबी में गीला आटा’

हाल के केन्द्रीय बजट में राज्यों के खाते में आवंटित शिक्षा-बजट की राशि बहुत कम करके केन्द्र सरकार आखिर क्या करना चाहती है? कोरोना महामारी के बाद करीब सालभर में पहली बार खुल रहे गांव-खेडे के स्कूलों को अपने रख-रखाब…

कोरोना से प्रभावित कक्षाएं

कोरोना वायरस की मार्फत फैली कोविड-19 बीमारी ने तरह-तरह की समस्‍याएं पैदा की हैं। इनमें सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण है – स्‍कूली शिक्षा। शिक्षा की इस बदहाली का तीखा असर झुग्‍गी बस्तियों की गरीब आबादी को झेलना पड रहा है। कोविड ने…

शिक्षा से अपेक्षा

अपने समय में शिक्षा सर्वाधिक विवादास्‍पद जरूरत बनकर रह गई है। कोई अपने बच्‍चों को क्‍यों, कैसी और कितनी शिक्षा दिलाए? इतना सब करने के बाद क्‍या शिक्षा के घोषित उद्देश्‍य पूरे हो सकेंगे? शिक्षा व्यवस्था के दो ध्येय होते…

शिक्षकों का ज़ज्‍बा : हमें स्वयं के उत्तर तलाशने होंगे

वे अपनी कक्षाएं पेड़ों के नीचे, पहाड़ की ढलानों पर, धूल भरे आँगन में, मंदिरों में और मस्जिदों में संचालित की हैं। कुछ राज्यों ने आसपास के समुदायों में व्यवस्थित रूप से कक्षाओं को आयोजित करने के लिए प्रगतिशील कदम…

‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ से गायब है, रोजगार-दाता कृषि-क्षेत्र

खेती के जिस व्‍यवसाय में देश की तीन चौथाई आबादी लगी हो उसका हाल में जारी ‘राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति’ में अपेक्षित जिक्र भी न होना विचित्र है। क्‍या भूख, उत्‍पादन और ‘जीडीपी’ जनित अर्थव्‍यवस्‍था को साधे रखने तथा सर्वाधिक रोजगार…

सरकारी स्कूलों के बंद होने के मायने

बाजार-वाद के हल्‍ले में सरकारी अस्‍पतालों की तरह सरकारी स्‍कूलों को हम कितना भी गरिया लें, सर्वाधिक लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा की सुविधा इन्‍हीं की मार्फत मिलती है। तो फिर इन्‍हीं को बेहतर क्‍यों नहीं किया जाए? खासकर तब, जब कोविड-19 की ‘मेहरबानी’ से…

शिक्षकों से एक अनुरोध

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 पिछले महीने आई ‘राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति – 2020’ को लेकर राजनीतिक दलों और शिक्षा के काम में लगे कई समूहों में बेचैनी है। वे मानते हैं कि इस नीति की दम पर शिक्षा का निजीकरण…

बिना प्रवेश परीक्षा के भी संभव है, ‘आईआईटी’ में दाखिला

कोविड-19 के इन दिनों में केन्‍द्र की जिद पर देशभर में ‘आईआईटी’ प्रवेश-परीक्षा लेने की मारामारी मची है। पश्चिम बंगाल, उडीसा जैसे कई राज्‍य इन परीक्षाओं को टालने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, विद्यार्थियों के समय बर्बाद होने…