मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल ने किया लोगो विमोचन इंदौर, 27 मार्च। अपने वैविध्यपूर्ण, उत्कृष्ट और गहरी सोच के लेखन से साहित्य प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले, देश के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित श्रीयुत श्रीनरेश मेहता…
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने बुधवार 23 मार्च को एक ऐसी परियोजना की घोषणा की, जिसमें पृथ्वी पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के लिए अगले पांच साल में मौसम-चेतावनी प्रणाली (अर्लि वेदर वार्निंग सिस्टम) तक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। ऐसा करना अब इसलिए…
23 मार्च 2022, इंदौर। “हम युद्ध के समर्थक हरगिज नहीं हैं लेकिन हम चाहते हैं कि एक ऐसा राज्य बने जिसमें सबको समान अधिकार हासिल हो। कोई किसी के हिस्से का हक न छीनें। ऐसा समाजवादी राज्य हम चाहते हैं।”…
दी लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट एक ताज़ा विश्लेषण के अनुसार विश्व भर में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है। दी लैंसेट में इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई)…
कोयला संयंत्रों की तुलना में परमाणु उर्जा को स्वच्छ उर्जा माना जाता है। परमाणु उर्जा संयंत्रों की दक्षता भी अधिक होती है – समान मात्रा में कोयले की तुलना में 20,000 गुना अधिक उर्जा प्राप्त होती है। लेकिन इन संयंत्रों…
सेवा सुरभि द्वारा विश्व जल दिवस पर “कैसे हो स्मार्ट होते शहर में स्मार्ट जल प्रबंधन” विषय पर परिचर्चा का आयोजन इंदौर, 20 मार्च। जल जीवन है और जल ही अमृत है। हम इसकी एक-एक बूंद बचाएं और इसके प्रति…
वर्धा। सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान के पूर्व अध्यक्ष जयवंत गंगाराम मठकर का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे पिछले दो महीने से बीमार थे। उन्होंने सोमवार 14 मार्च 2022 को पुणे में अंतिम सांस ली, मंगलवार सुबह…
विश्व संसाधन संस्थान भारत द्वारा जारी रिपोर्ट अगर किसान जंगलों के बाहर वृक्षारोपण की प्रथा को बढ़ावा दें तो उन्हें सात प्रकार के मौद्रिक और तीन प्रकार के गैर-मौद्रिक प्रोत्साहन लाभ मिल सकते हैं। इन लाभों में शामिल है इनपुट…
गैर-मुनाफा संगठन कंज़रवेशन साइंस ग्लोबल के जीव विज्ञानी विन्सेंट स्लेब और उनके सहयोगियों ने 8 वर्षों तक 1210 बाल्ड और गोल्डन ईगल के ऊतक एकत्रित किए। लगभग 64 प्रतिशत बाल्ड ईगल और 47 प्रतिशत गोल्डन ईगल में दीर्घकालिक सीसा विषाक्तता…
एक ताज़ा जारी वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, 93 प्रतिशत भारतीय ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां वायु प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से अधिक है। इस रिपोर्ट से पता चला है कि इसके परिणामस्वरूप भारत में जीवन प्रत्याशा लगभग 1.5 वर्ष…