गणतंत्र दिवस : बेहतरी के लिए बदलाव
73वें गणतंत्र दिवस पर विशेष साल, हर साल नया होता है, लेकिन, जैसा मुक्तिबोध कहते हैं, ‘जो है, उससे बेहतर’ नहीं हो पाता। क्यों? क्या हमारे सोच और उसके अमल में ही कोई खोट है? या कि इसे कर पाने…
सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक
73वें गणतंत्र दिवस पर विशेष साल, हर साल नया होता है, लेकिन, जैसा मुक्तिबोध कहते हैं, ‘जो है, उससे बेहतर’ नहीं हो पाता। क्यों? क्या हमारे सोच और उसके अमल में ही कोई खोट है? या कि इसे कर पाने…