Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2016

आदिवासी जानते हैं स्वाद और पौष्टिकता

आदिवासी समाज के पास खान-पान का अपना एक तंत्र है। यह अपने आप में पूर्ण है तथा इसी के चलते आदिवासी समाज शताब्दियों से स्वयं को स्वस्थ व प्रसन्न बनाए रखे हुए हैं। आधुनिक औद्योगिक खेती ने मनुष्य से उसकी…

डॉ. जे. सी. कुमारप्पा: ग्रामीण भारत की आवाज

डॉ.कुमारप्पा अहिंसक अर्थव्यवस्था के जबरदस्त पैरोकार थे। गांधीजी के ग्रामोद्योग व ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विचारों को उन्होंने सबसे अच्छे ढंग से संप्रेषित किया। आजादी बाद भी उन्होंने सरकार को इस दिशा में कार्य करने की सलाह दी थी। गांधी जी…

खतरे में आदिवासी : विकास की अवधारणा का शिकार

भारत में निवास कर रहा आदिवासी समुदाय ’’विकास’’ की आधुनिक अवधारणा का शिकार होकर धीरे-धीरे अपने पारंपरिक रहवास से बेदखल हो रहा है। बांध से लेकर खनन तक, समस्त परियोजनाओं की सबसे ज्यादा मार आदिवासियों पर ही पड़ती है। पुष्पा…

महिलाओं में टी बी बरास्ता कुपोषण

भारतीय महिलाएं खान-पान की देशज संस्कृति और गरीबी के चलते बड़ी संख्या में तपेदिक(टी. बी.) का शिकार हो रही हैं। बढ़ती गरीबी और कुपोषण ने इस बीमारी को जैसे पंख लगा दिए हैं और यह धीरे-धीरे महामारी की ओर कदम…