न्यायाधीशों की नियुक्तियों में सर्वोच्च न्यायालय एवं केन्द्रीय सरकार के मध्य निरंतर टकराव चलता रहता है। विचाराधीन बड़ी संख्या के प्रकरणों के अंबार को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय, न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि करने के लिए आग्रह करता रहा है…
चैक अनादरण पर प्रस्तुत होने वाले फौजदारी प्रकरण वर्तमान में चिंता का विषय है। इन प्रकरणों के निराकरण में लगने वाले समय में इस कानून के प्रावधानों को प्रभावहीन बना दिया है। दिवानी प्रकरणों में लगने वाले समय के समान…