साढ़े सात दशकों के हमारे संविधान को लेकर इन दिनों भारी उथल-पुथल मची है। एक पक्ष मानता है कि भारत सरीखे बहुलतावादी देश में संविधान ही है जिसने सभी को समानता की बुनियाद पर जोड़कर रखा है। एक और पक्ष…
पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र के मुताबिक बिहार के लिए प्रकृति का प्रसाद मानी जाने वाली बाढ़ आजकल एक त्रासदी बन गई है। वजह है, उससे निपटने की कथित आधुनिक, तटबंध जैसी तरकीबें। साल-दर-साल आने वाली बाढ़ ने बिहार को किस तरह…