संस्कृत के मोह में रुक गया हिंदी का विकास
हिंदी को संस्कृत निष्ठ बनाने का सिलसिला थमा नहीं है और न ही हिंदी को सांप्रदायिकता की जुबान बनाने की कोशिश ठहरी है। तमाम गैर हिंदी भाषी राजनेता सीखी हुई हिंदी बोलते हैं और बड़े जनसमुदाय को प्रभावित करते हैं।…
अपराध के कलंक से कितने आजाद हैं, घुमन्तु समुदाय?
अजीब बात है कि अपने आसपास रहने-बसने वाले घुमन्तु लोगों के बारे में आम समाज निरा अनजान है और उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा अपराधिक जातियों की तरह पहचानता है। कौन हैं, ये ‘विमुक्त’ और ‘घुमन्तु’ समुदाय? आम समाज के कितने लोगों को…
हिन्दी की हैसियत
हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) भाषा हमारे जीवन की एक बुनियादी जरूरत है, लेकिन आजकल उसमें भी भेद-भाव बरता जा रहा है। ऐसे में मातृभाषा हिन्दी को किस तरह कारगर बनाया जाए? प्रस्तुत है, इसी विषय पर प्रकाश डालता विभा वत्सल का…


