एचएसबीसी के स्वामित्व वाली कंपनियों द्वारा पेाषित कोयला बिजलीघरों के वायु प्रदूषण से होंगी रोज़ाना 51 मौतें
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के अध्ययन में हुआ खुलासा कोयले से होने वाला प्रदूषण कितना खतरनाक व जानलेवा होता है, इसका खुलासा सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के नए शोध से हुआ…
ख़ौफ़ के साए में एक लम्बी अमेरिकी प्रतीक्षा का अंत!
बीस जनवरी दो हज़ार इक्कीस को वाशिंगटन में केवल सत्ता का शांतिपूर्ण तरीक़े से हस्तांतरण हुआ है, नागरिक-अशांति की आशंकाएँ न सिर्फ़ निरस्त नहीं हुईं हैं और पुख़्ता हो गईं हैं। देश की जनता का एक बड़ा प्रतिशत अभी भी…
क्या पूर्व-निर्धारित है, पृथ्वी की मृत्यु?
भारतीय उप-महाद्वीप की ज्ञान-परंपराओं में किसी भी जीवधारी की जीवन-मृत्यु पूर्व निर्धारित मानी जाती हैं, लेकिन अब आधुनिक विज्ञान भी इसे मानने लगा है। ताजा शोधों ने उजागर किया है कि प्रकृति में बेजा मानवीय हस्तक्षेप के चलते यह पूर्व-निर्धारित…
विश्व सामाजिक मंच की पुनर्कल्पना मुमकिन है, असंभव नहीं!
क्या दुबारा से एक नए विश्व मंच की कोशिश जरूरी है? क्योंकि जितने सवाल पहले थे वे आज भी हैं। जब दुनिया के आंदोलन मौजूदा हालात में अपनी राजनैतिक ज़मीन बचाने में लगे हैं, वैसे में एक अति ऊर्जा और…
लेबनान : बारूद के ढेर से उगते इंकलाबी फूल
4 अगस्त को हुए विस्फोट के बाद से लेबनान की जनता एक तरफ अपने शहर को बनाने, खड़ा करने में जुटी है तो दूसरी तरफ वहाँ के सत्ता वर्ग को चुनौती दे रही है। आंदोलन को हिंसा और दमन भी…




