Day: May 17, 2026

प्रकृति का मौन विलाप : विलुप्त होती प्रजातियों की पुकार

धरती पर जीवन का ताना-बाना करोड़ों प्रजातियों से बुना गया है, लेकिन मानव सभ्यता की तेज़ रफ्तार ने इस संतुलन को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया है। आज विलुप्ति की रफ्तार प्राकृतिक दर से हजार गुना अधिक मानी जा रही…

सत्ता की बेड़ियाँ और सिसकती आस्था : पंचेन लामा की गुमशुदगी के तीन दशक

इतिहास में कुछ गुमशुदगियाँ केवल व्यक्तियों की नहीं, बल्कि पूरी सभ्यताओं की पीड़ा बन जाती हैं। गेडुन चोएकी न्यिमा की कहानी भी ऐसी ही एक जीवित त्रासदी है, जहाँ छह वर्ष का एक मासूम बालक अपनी आध्यात्मिक पहचान की कीमत…