75 वर्ष में आबादी 4 गुना बढ़ी, लेकिन जल स्रोत की संख्या मात्र 4 लाख बढ़ी
धरातल और जल आंदोलन विषय पर पर्यावरणविद डॉ. क्षिप्रा माथुर का व्याख्यान इंदौर, 7 जून। भारत में केवल आर्थिक असमानताएं ही नहीं है जल वितरण को लेकर भी बहुत सारी असमानताएं है। एक तरफ ग्रामीण महिलाएं रोजाना 4 किलोमीटर दूर पैदल…
रोजगार सृजन : बांस में है बहुत कमाई
बांस, घास की एक ऐसी प्रजाति है जो हमारे रोजमर्रा के जीवन में बहुतायत से मौजूद है। अब तो उसे पैट्रोल, डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन के साथ मिलाकर वाहनों में भी प्रयोग किया जाने लगा है। दुनिया में भारतवर्ष दूसरे…

