15 अगस्त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में मोहनभाई हीराबाई हीरालाल आज हम जिसे स्वराज समझते हैं, वह स्वराज नहीं है। स्वराज के लिए निर्णय प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। बहुमत से होने वाला निर्णय का स्वराज से विरोध है। अहिंसा…
आजादी बहुत अधिक सजगता की मांग भी करती है। अक्सर तो हमें इसका अहसास भी नहीं होता कि वह वास्तव में हम आजाद नहीं या फिर जिसे आजादी समझ रहे हैं वह गुलामी का ही एक परिष्कृत रूप है। सुसज्जित…
14 अगस्त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में डॉ.पुष्पेंद्र दुबे समाज में अशांति का कारण श्रम को टालना है। विषमता का मूल कारण यही है। विज्ञान के साधन इसे दूर करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। गलत आर्थिक…