‘गुना’ से फिर गूंजी, पुलिस-सुधारों की बात !
देशभर में आए दिन पुलिस वालों के कारनामे उजागर होते रहते हैं और यदि बवाल न मचे तो ठंडे भी पड जाते हैं, लेकिन क्या पुलिस की मौजूदा बनक में ये कारनामे कोई अजूबा माने जा सकते हैं? क्या किसी…
स्वास्थ्य का मुद्दा अस्पतालों-डॉक्टरों का ही नहीं, राजनीति का मुद्दा है
कोविड 19 के सन्दर्भमें स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीयकरण पर हुआ वेबिनार “सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य खर्चों में कटौती करने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण को नीतिगत बढ़ावा दिया। देश के कुछ राज्य तो सिर्फ निजी स्वास्थ्य सेवाओं के हवाले…

