सप्रेस समाचार

राष्ट्रीय सरकार के गठन और तत्‍काल पहल किये जाने के लिए लोकतान्त्रिक संस्थान प्रमुखों को लिखा पत्र

सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी (सीऍफ़डी) ने की राष्ट्रीय सरकार के बारे में आम राय विकसित करने के लिए संसद का वर्चुअल सत्र बुलाने की मांग सप्रेसमीडिया.इन । नईदिल्‍ली, 23 मई। देश में लोकतंत्र को सुरक्षित रखने और उसे मजबूत बनाने के…

प्रकृति के चितेरे सुंदरलाल बहुगुणाजी के मौन होने पर प्रबुद्धजनों की शब्‍दाजंलियां

प्रकृति के चितेरे, सौम्‍यता, सादगी की मूर्ति सुन्दरलाल बहुगुणा के अवसान पर देशभर से अनेक संस्थाओं, व्‍यक्तियों, संगठनों की ओर से स्‍मृति स्‍वरूप भावांजलि संदेश प्राप्‍त हो रहे हैं। श्री बहुगुणा का देश – दुनिया में फैला विशाल संसार उनकी…

विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का निधन, देश ने एक महान वृक्ष मित्र खो दिया

चिपको आंदोलन के नेता और विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा अब नहीं रहे। वृक्षमित्र बहुगुणा का कोरोना वायरस के चलते निधन हो गया। चिपको आंदोलन के नेता और विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा अब नहीं रहे। आज उन्‍होंने एम्‍स में…

शोध अध्ययन : महज 17 प्रतिशत श्रमिक ही जानते है मुफ्त राशन योजना के बारे में

शोध : सेंटर फॉर लेबर रिसर्च एंड एक्शन ने जारी किया सार संक्षेप, श्रमिकों में टीकाकरण को लेकर डर देश में कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच गैर संगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को काम के दिनों का काफी…

क्या अगले 30 साल बाद जीवाश्म ईंधन युग का अंत होना शुरू हो जाएगा ?

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी व्‍दारा जारी नेट ज़ीरो बाय 2050 नामक रिपोर्ट का निष्‍कर्ष जीवाश्म ईंधन पर अंकुश लगाने की अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष वैश्विक निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने साफ़…

बहुराष्‍ट्रीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के दबाव में सरकार मरीजों के अधिकारों से समझौता न करे

जन स्‍वास्‍थ्‍य अभियान ने क्लिनिकल ट्रायल और शर्तों को शिथिल किये बिना अनुमति न देने हेतु की प्रधानमंत्री से मांग spsmedia.in नई दिल्ली, 19. 05. 21। जन स्वास्थ्य अभियान ने फाइजर द्वारा mRNA के टीके की भारत को आपूर्ति के…

हिमालयीय प्राकृतिक असंतुलन की वजह बांधों से बनी झीलों से उत्सर्जित हानिकारक गैसें तो नहीं?

आईआईटी रूड़की के वैज्ञानिकों ने शुरू किया अध्ययन spsmedia.in वैश्विक स्तर पर हुए अध्ययन में यह साबित हुआ है कि पिछले 20 वर्षों में मीथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड के मुकाबले जलवायु परिवर्तन में 86 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।…

ग्लोबल वार्मिंग को प्रकृति-आधारित समाधानों से 0.1 डिग्री सेल्सियस कम किये जाने की संभावना

‘नेचर’ में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध का विश्‍लेषण हाल ही में ‘नेचर’  में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध के मुताबिक ‘नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस’ (NBS) याने प्रकृति-आधारित समाधान इस सदी के अंत तक जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में योगदान कर सकते हैं। शोध विश्लेषण…

‘ताऊ ते’ का कहर ; लगातार चौथे साल अरब सागर में आया चक्रवाती तूफ़ान

‘ताऊ ते’ तूफ़ान जलवायु परिवर्तन की पहचान ‘ताऊ ते‘ नामक तूफ़ान फ़िलहाल अगले कुछ घंटों में “गंभीर चक्रवाती तूफान” की शक्ल ले सकता है, ये कहना है भारतीय मौसम विभाग का। इस बात का भी अंदेशा है कि यह गंभीर…

एम्स ऋषिकेश में भर्ती पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा की हालत स्थिर ; ऑक्सीजन सपोर्ट जारी

एम्स ऋषिकेश में भर्ती कोविड उपचाररत पर्यावरणविद् एवं चिपको आंदोलन के प्रणेता सुन्दरलाल बहुगुणा की हालत स्थिर बनी हुई है। उनका आक्‍सीजन लेबल 96 प्रतिशत है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश के कोविड वार्ड में भर्ती पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा…