Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

अनिल त्रिवेदी

आजीविका के साधनों को नष्ट करना सभ्य और लोककल्याणकारी तरीका नहीं

करोना काल में लोभ, लालच, लूट- खसोंठ, पद का दुरुपयोग और दुखी दर्दी,बिमार भूखे रोजगारविहीन लोगों के साथ व्यवस्था के नाम पर अराजकता जैसे दृश्य खड़े करना न तो राज की सभ्यता हो सकती है न सामाजिक राजनैतिक और व्यावसायिक…

घुमक्कड़ी का आनन्द

आजकल हमारे रोजमर्रा के जीवन में सुबह की सैर एक जरूरी क्रिया हो गई है, लेकिन क्‍या इसी घुमक्‍कडी को जीवन के व्‍यापक आनंद और ज्ञानार्जन में तब्‍दील किया जा सकता है ? संत विनोबा और आदि शंकराचार्य ने इसी…