वर्ष 2021 के प्रतिष्ठित “ग्लोबल एनर्जी अवॉर्ड” से तरुण भारत संघ सम्‍मानित

स्‍काटलैंड के ग्लास्गो में हुए 26 वें शिखर सम्‍मेलन (COP -26) में वर्ष 2021 के प्रतिष्ठित “ग्लोबल एनर्जी अवॉर्ड” के लिए तरुण भारत संघ को विजेता के तौर पर चुना गया। यह सम्मान विश्व के सभी देशों में ऐसे संगठनों, व्यक्तियों को दिया जाता है जो प्रकृति, पृथ्वी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अनुकरणीय कार्य करते है।

तरुण भारत संघ को इस वर्ष का ग्लोबल एनर्जी अवॉर्ड राजस्थान में किए गए सामुदायिक विकेंद्रित जल प्रबंधन कार्य हेतु प्रदान किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि तरुण भारत संघ ने पिछले चार दशकों में 10 हजार से ज्यादा छोटे – बड़े जोहड़ बनाकर , करीब 1000 गांवों में शाश्वत जल की उपलब्धता कराई है। इन प्रयासों से स्थानीय समुदायों , महिलाओं के जीवन पर आमूलचूल सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

राजस्‍थान के अलवर जिले स्थित तरुण आश्रम, भीकमपुरा में ऑस्ट्रिया के भारत में ट्रेड कमिश्नर श्री हेंस ओवर्ग ने अपने हाथों से तरुण भारत संघ के निदेशक मौलिक सिसोदिया एवं अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को यह अवॉर्ड और सम्‍मान स्‍वरूप प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

इस अवसर पर  तरुण भारत संघ के निदेशक मौलिक सिसोदिया ने कहा कि यह हमारे साथ काम करने वाले समुदाय का सम्मान है, यह सम्‍मान उन्हीं के लिए समर्पित करता हूं। हमारी जल प्रज्ञा विश्व में सदा ही सर्वोत्तम रही है, हमारा समाज अपने प्राकृतिक संसाधनों को पूजता ,सम्मान करता और संभालता रहा है। यह सम्मान भारतीय ज्ञान तंत्र, आस्था और परंपरा का सम्मान है।

ऑस्ट्रिया के हेंस ओवर्ग ने कहा कि तरुण भारत संघ को इस वर्ष का ग्लोबल एनर्जी अवॉर्ड का विजेता घोषित करते हुए  चयन कर्ताओं को गर्व महसूस हो रहा है। उनके प्रतिनिधि के रूप में यहां आकर सम्मानित और गौरवांवित महसूस कर रहा हूं।

See also  अंतरराष्‍ट्रीय : पनामा में पर्यावरण के लिए प्रतिरोध

इस मौके पर तरुण भारत संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता चमन सिंह, गोपाल सिंह, छोटेलाल मीणा, सुरेश रैकवार, रणवीर सिंह, अंकिता भंडारी, भरत रैकवार, राहुल सिसोदिया,पारस प्रताप सिंह , धौली मीना, अर्निमा जैन आदि सहित अनेक गणमान्‍य उपस्थिति थे।

Table of Contents

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’

समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके

Read More »

पर्यावरण संरक्षण : केवल पौधारोपण नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल पौधे लगाने का संदेश नहीं देता, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान करता है। जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपभोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास

Read More »

World Environment Day : पर्यावरण संरक्षण पर टिका है भविष्य

पर्यावरण संरक्षण और संतुलन का प्रश्न आज पूरी मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित

Read More »