शांति की लक्ष्मण-रेखा का विवेक जगाता गांधी-जनों का आह्वान

शांति सबसे बड़ा मानवीय धर्म है

देश भर के वरिष्‍ठ  विशिष्ट गांधीजनों ने चिंता जाहिर की है कि देश में यहां-वहां से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं जो बताती हैं कि भारतीय समाज के ताने-बाने को कमजोर करने की योजनाबद्ध कोशिश चल रही है। ऐसा लगता है कि जगह-जगह सामाजिक समरसता के सूखे पत्तों पर तीलियां फेंकी जा रही हैं ताकि आग भड़के व दावानल धधके। यह कौन कर रहा है, इसकी जांच-पड़ताल में न जा कर, हम भारत के सभी धर्मों-जातियों-समुदायों से अपील करते हैं कि आज अशांति फैलाने से बड़ा अधर्म दूसरा नहीं है। आज शांति सबसे बड़ा मानवीय धर्म है।  

सौ से अधिक वरिष्‍ठजनों की ओर स्वीकृत व अनुमोदित बयान में गया है कि बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद का सवाल जिस तरह उठाया जा रहा है, और राज्य उसमें जैसी भूमिका ले रहा है, हम उसे दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं। अभी संवैधानिक तटस्थता से संचालित राजनीतिक व प्रशासकीय कदमों की जरूरत है जो सबको उसकी लक्ष्मण-रेखा के बारे में असंदिग्ध रूप से सावधान करे। इतिहास की ऐसी दुरभिसंधि में फंस कर हम एक बार विभाजन तक पहुंचे हैं। जो इतिहास से सीखते नहीं हैं, वे इतिहास के शिकार हो जाते हैं। सारे संसार में ऐसी आंधी बहाई जा रही है। हम अविचलित रह कर,  संसार  को विनाश से बचने का रास्ता दिखा सकते हैं। 

बयान में कहा गया है कि हम देश को असंदिग्ध रूप से प्यार करने वाले प्रत्येक नागरिक से एक ही अपील करते हैं : अपने प्रिय भारत के समाज को जोड़ने वाली हर आवाज में अपनी आवाज मिलाने, हर कदम के साथ अपने कदम जोड़िए। आज भारतीयता से छोटी हर बात, हर पहचान, हर आवाज देश को कमजोर करेगी।

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 गांधी जनों ने एक स्‍वर में देश के सर्वोच्च न्यायालय से भी कहना चाहते हैं कि भारतीय संविधान की दूरदर्शी सक्रियता की परीक्षा की यह घड़ी है। हम सबका सामूहिक विवेक ही इस नाजुक दौर में हमें पार ले जा सकता है ।

इस निवेदन में केंद्रीय गाँधी स्मारक निधि के अध्यक्ष रामचंद्र राही, गाँधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत, गाँधी नेशनल म्यूजियम के डायरेक्टर अन्नामलाई, राष्ट्रीय युवा संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अजमत उल्ला खान, अजय कुमार, प्रो अजीत झा, प्रो आनंद कुमार, डॉ आनंद प्रकाश, फैसल खान, खुदाई खिदमतगार, एड अनिल नौर्या, प्रो अपूर्वानंद, अरविन्द अंजुम गांधी शांति  प्रतिष्ठान, जमशेदपुर, आशीष नंदी, अशोक वाजपेयी, बजरंग सोनवने, चंदंपाल अध्यक्ष सर्व सेवा संघ, रिज चौधरी, पी.के. मिश्रा, दानिया रहमान, डॉ बिस्वजीत जी, दसरथ कुमार, हाडोती किसान यूनियन कोटा, दया सिंह, दीपक ढोलकिया, दिलीप दिसुझा, डॉ जी.जी. पारीख, गौतम सिंह, गीता कपूर, गीथा हरिहरन, ग्नानेंद्र, गुड्डी, हर्ष मंदर, हिम्मत सेठ, इनामुलहशन, डॉ इरफ़ान हबीब, इश्तियाक अहमद, रफ्ता कमिटी, जागृति राही, कल्पना मोहंती, कृष्णा मोहंती, प्रो हसन, मनीष शर्मा, रिज मनोरंजन मोहंती, मेधा पाटकर, मिमी चौधरी, प्रो मो सलीम, एड पामचौली, नंदिनी सुन्दर, नविन किशोर,  नवीना नाजत हैदर, निरंजन पंत, नितिन सुले, नित्यानंद जयरमन, लेखक, चेन्नई, वरिष्ट पत्रकार ओम थानवी, एकता परिषद् के संस्थापक पी. वी. राजगोपाल, इंजी पीयूष जोशी, प्रो प्रभु प्रसाद मोह्पत्रा, प्रफुल्ला सामंतराय, प्रेरणा, डॉ कल्पना, गांधीग्राम यूनिवर्सिटी चेन्नई, डॉ रामपुनियानी, राजश्री चंद्रा,  महंत राजेंद्र तिवारी काशी विश्वनाथ मंदिर, राजेश जोशी, रामधीरज, रमेश ओझा, रोमिला थापर, रुचिर जोशी, रुडोल्फ हेरेडिया, संदीप पांडेय, संकेत मुनोत, सवाई सिंह, शैल मयराम, शंकर कुमार सान्याल, सोहेल हाश्मी, सधेंदु पटेल, डॉ सुनीलम, बहुजन संवाद, सुनीति सुर, टी.सी. राहुल, टी.एम. कृष्णा, तीस्ता सेतलवाड, उषा सोनवाने, फाधर विजयपाल सिंह, विजय सिंह, विवान सुन्दरम, योगेन्द्र यादव स्वराज इंडिया शामिल है |

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