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फर्जी डिग्री का मामला सिर्फ एफएमजीई तक सीमित नहीं, पूरी व्यवस्था की हो जांच : जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया

जयपुर, 9 जून। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) राजस्थान इकाई ने राजस्थान में फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र के माध्यम से डॉक्टर बनने के मामले में हुई कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह समस्या केवल विदेश से मेडिकल शिक्षा लेने वाले कुछ लोगों तक सीमित नहीं है। देश के अंदर भी कई स्थानों पर फर्जी डिग्री, बिना पर्याप्त अध्ययन और गलत दस्तावेजों के आधार पर चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश के आरोप सामने आते रहे हैं।

राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में सामने आए फर्जी डिग्री और फर्जी डॉक्टरों के मामलों ने यह गंभीर सवाल खड़ा किया है कि मेडिकल शिक्षा, पंजीकरण और नियुक्ति प्रक्रिया में निगरानी कितनी प्रभावी है।

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) राजस्थान इकाई का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी व्यक्ति चाहे उसने भारत के किसी संस्थान से डिग्री ली हो या विदेश से यदि बिना आवश्यक योग्यता, परीक्षा या प्रशिक्षण के डॉक्टर के रूप में कार्य कर रहा है तो उसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।

जे एस ए आई  राजस्थान इकाई के अनिल गोस्वामी, बसंत हरियाणा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में एक अयोग्य व्यक्ति की नियुक्ति सीधे जनता के जीवन के अधिकार और मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार को इस पूरे विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

जेएसएआई राजस्थान इकाई ने मांग की है कि राजस्थान सहित पूरे देश में सभी डॉक्टरों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, मेडिकल काउंसिल पंजीकरण और इंटर्नशिप रिकॉर्ड का समय-समय पर सत्यापन किया जाए। फर्जी डिग्री और फर्जी पंजीकरण के मामलों में केवल दलालों नहीं बल्कि संबंधित अधिकारियों और संस्थानों की भूमिका की भी जांच हो। राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों में पिछले वर्षों में नियुक्त डॉक्टरों की योग्यता की स्वतंत्र ऑडिट कराई जाए। मेडिकल शिक्षा और पंजीकरण व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।

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