जयपुर के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में लगी आग से हुई मौतें, स्वास्थ्य व्यवस्था व प्रशासनिक लापरवाही

जयपुर, 8 अक्‍टूबर। जनस्वास्थ्य अभियान इंडिया, राजस्थान राज्य इकाई एवं राजस्थान नागरिक मंच ने एस एम एस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने से 6 मरीजों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

अभियान के कैलाश मीणा, अनिल गोस्वामी, बसंत हरियाणा, सोहन लाल ने कहा कि राज्य के सबसे बड़े एस एम एस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगना स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक अव्यवस्था को दर्शाता है। आईसीयू में निकलने का कोई आपातकालीन गेट तक नहीं था, इस कारण गंभीर मरीज काल का ग्रास बने।

राजस्थान नागरिक मंच के आर सी शर्मा, भूरे सिंह,  हेमलता,  सुंदर सिंह ने कहा कि हादसे के 20 मिनिट पहले परिजनों ने शॉर्ट सर्किट से निकलते धुएं की जानकारी दी थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। स्मोक अलार्म बहुत देर बाद बजा, जबकि फायर फाइटिंग सिस्टम पुरानी मैनुअल तकनीक का था।

अभियान की राजस्थान राज्य इकाई एवं मंच ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, सभी सरकारी एवं निजी हॉस्पिटल की फायर सेफ्टी ऑडिट शीघ्र करवाई जाए,   मृतकों के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा अपर्याप्त है उसे कम से कम 1 करोड़ तक बढ़ाया जाए, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पर्याप्त बजट और संसाधन बढ़ाए जाए।

See also  जनता के स्वास्थ्य की अनदेखी करता अन्तरिम बजट; स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में आवंटन एक छलावा

Table of Contents

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’

समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके

Read More »

पर्यावरण संरक्षण : केवल पौधारोपण नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल पौधे लगाने का संदेश नहीं देता, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान करता है। जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपभोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास

Read More »

World Environment Day : पर्यावरण संरक्षण पर टिका है भविष्य

पर्यावरण संरक्षण और संतुलन का प्रश्न आज पूरी मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित

Read More »