तीन दशक के संघर्ष के बाद सांगानेर को मिली बड़ी सौगात, सुप्रीम कोर्ट ने 300 बेड के हॉस्पिटल को दी मंजूरी

ओपन जेल परिसर में बनेगा सैटेलाइट अस्पताल, महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे 100 बेड

जयपुर, 16 मई। सांगानेर क्षेत्र के नागरिकों के लंबे संघर्ष को आखिरकार न्यायिक मान्यता मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सांगानेर ओपन जेल परिसर में 300 बेड के सैटेलाइट हॉस्पिटल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह फैसला सांगानेर के नागरिकों और जन संगठनों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की लंबे समय से उठाई जा रही मांग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

ये उपलब्धि सांगानेर सेटेलाइट हॉस्पिटल बचाओ संघर्ष समिति, सांगानेर विकास नागरिक मंच, राजस्थान नागरिक मंच, जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (राजस्थान) और राजस्थान समग्र सेवा संघ सहित कई सामाजिक संगठनों की संयुक्त, सतत और समर्पित कोशिशों का परिणाम है। इन संगठनों से जुड़े राजेंद्र कुम्भज, अनिल गोस्वामी, आर.सी. शर्मा, गीता खंडेलवाल, अरुणा स्वामी, बृज बल्लभ उदयवाल, सवाई सिंह, बसंत हरियाणा, नरेंद्र गुप्ता, कृष्णा कयाल, नीलम सुईवाल, जयप्रकाश बालचंदानी और प्रेमलता सेठी ने इस निर्णय पर प्रसन्नता जताई है।

इससे पहले सांगानेर में सैटेलाइट हॉस्पिटल के लिए भूमि का आवंटन बंबाला क्षेत्र में किया गया था, जो दूरस्थ और नागरिकों की पहुँच से बाहर था। बाद में नागरिक मंचों ने प्रयास कर सांगानेर की खुली जेल परिसर से लगी भूमि के कागजात उपलब्ध करवाए और सरकार से इस उपयुक्त स्थान पर अस्पताल निर्माण की मांग की, जिसे सरकार ने स्वीकार भी किया। लेकिन इस पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

अब सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन को स्वीकार करते हुए रजिस्ट्रार की सिफारिशों के अनुसार निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। निर्णय के अनुसार अस्पताल का निर्माण सांगानेर की खुली जेल परिसर से लगे लगभग 22,232 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाएगा। पूर्व में स्वीकृत 17,800 वर्ग मीटर के अतिरिक्त 14,940 वर्ग मीटर भूमि और प्रदान की गई है। जेल परिसर और हॉस्पिटल का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि दोनों व्यवस्थाओं में संतुलन बना रहे।

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इस सैटेलाइट अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा भी प्राप्त होगा, और इसमें महिलाओं एवं प्रसूति सेवाओं के लिए 100 बेड आरक्षित रखे जाएंगे। यह व्यवस्था क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।

संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया है, जिन्होंने सांगानेर क्षेत्र के विकास के लिए तत्परता दिखाई और सुप्रीम कोर्ट तक इस लड़ाई को मजबूती से लड़ा।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सांगानेर और उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह और आशा का वातावरण है। यह फैसला न केवल एक अस्पताल के निर्माण की अनुमति है, बल्कि यह नागरिक सहभागिता और जनसंघर्ष की ताकत का प्रतीक भी बन गया है।

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