विश्व शांति उपवास को मिला व्यापक समर्थन, गांधी चिंतक ई.पी. मेनन ने युवाओं की पहल को सराहा

बेंगलुरु में आयोजित एकदिवसीय उपवास में युवाओं ने दिया अहिंसा और सौहार्द का संदेश

बंगलूरू, 3 अप्रैल। प्रसिद्ध गांधी चिंतक और कर्नाटक के वरिष्ठ सर्वोदय आंदोलनकारी ई.पी. मेनन ने आज गांधी भवन, बेंगलुरु में आयोजित विश्व शांति के लिए एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम में पहुंचकर अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया। यह कार्यक्रम ग्लोबल गांधी, यूथ फॉर ट्रुथ, खुदाई खिदमतगार और कर्नाटक गांधी स्मारक निधि के संयुक्त तत्वावधान में विश्व भर में चल रहे युद्धों, हिंसा और मानवीय संकटों के विरुद्ध शांति, सौहार्द एवं अहिंसा का संदेश मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में शामिल होते हुए ई.पी. मेनन ने कहा,  “आज के समय में युवाओं द्वारा शांति के लिए उपवास रखना अत्यंत सुखद है। जब समाज में चारों ओर हिंसा बढ़ रही है, तब ऐसे सामूहिक प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं। हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा करने से बेहतर है कि बीस लोग भी सच्चे दिल से एक साथ उपवास पर बैठें।” 

उन्होंने कहा कि अहिंसा को मजबूत करने के लिए यदि युवा बेंगलुरु से तेहरान तक पदयात्रा निकालते हैं, तो वह उनका पूरा समर्थन करेंगे तथा कर्नाटक गांधी स्मारक निधि भी इस अभियान के साथ खड़ी होगी। मेनन ने इस पहल की सराहना करते हुए दो युवाओं को पदयात्रा के लिए आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की।

इस कार्यक्रम का संयोजन विवेक कुमार साव, लीलू कुमारी और मंसूर चेतलु ने किया था। इस शांति उपवास में बीस युवाओं ने पूरे दिन उपवास रखा। साथ ही कई शांति कार्यकर्ताओं ने गांधी भवन पहुँचकर उपवासकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया और अपना समर्थन व्यक्त किया। इस शांति अभियान को व्यापक समर्थन मिला, जिसमें कई राज्यों से लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर एक दिवसीय शांति उपवास रखा। उपवास की समाप्ति पर कर्नाटक सरकार के प्लानिंग कमीशन के उपाध्यक्ष बी.आर. पाटिल ने सभी उपवासकर्ताओं को खजूर और मिठाई खिलाकर उपवास पूर्ण करवाया। इसके साथ ही कर्नाटक राज्य के पूर्व गृह मंत्री आर रोशन बेग भी समर्थन देने गांधी भवन पहुँचे।

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