30 साल बाद महिला सेनाध्यक्ष देखने का सपना होगा साकार, सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 25 फीसदी करने की जरूरत

अभ्‍यास मंडल व्‍याख्‍यानमाला में भारतीय वायु सेवा की सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा आचार्य का व्‍याख्‍यान

इंदौर, 11 मई। भारतीय वायु सेवा की सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने कहा है कि 30 साल बाद हमारे देश में तीनों सेना में से किसी में हम महिला अधिकारी को सेनाध्यक्ष बनते हुए देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सेना में महिलाओं की भागीदारी 25% तक बढ़ाने और उन्हें पेंशन व परमानेंट कमीशन जैसी सुविधाएं देने की जरूरत है।

वे आज यहां जाल सभागृह में अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित 64 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यान माला में भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका विषय पर संबोधित कर रही थी। उन्होंने अपने सेवा में चयन से लेकर वहां जाकर काम शुरू करने की स्थिति तक की पूरी कहानी से सभी को रूबरू कराया।

वायु सेना की सेवा को ज्वाइन करने के लिए उन्हें एक साल तक कठोर प्रशिक्षण लेना पड़ा। यह प्रशिक्षण महिला, पुरुषों के लिए एक समान होता है। सरकार के द्वारा जब सेना में महिलाओं को लेने का प्रयोग शुरू किया गया था, उस समय पर शुरुआत बैच में ही वह सेना में शामिल हुई थी। सेना में काम करने वाले पुरुष हो या महिला, सभी का काम एक समान होता है। उन्‍होंने कहा कि जब हम सेना की पोशाख पहन कर निकलते हैं तो कहीं कोई डर नहीं लगता– आत्मविश्वास बढ़ता है।

उन्‍होंने कहा कि सेना में महिलाओं को पेंशन देने के मामले में शुरू से ही स्थिति अलग रही है। सरकार के द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम को बंद किए जाने से पहले ही सेना के द्वारा महिला अधिकारियों को पेंशन स्कीम का लाभ देने से इनकार कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि सेना के इस फैसले के खिलाफ महिला अधिकारियों ने न्यायालय में जाकर लड़ाई लड़ी। जिस समय पर एनडीए की सरकार थी, उस समय पर हमने सरकार से भी जाकर आग्रह किया। सरकार ने उस समय की सेवा की महिला अधिकारियों को पेंशन योजना का लाभ दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से महिला अधिकारियों के द्वारा सेना में काम किया जा रहा है उससे उनके प्रति भरोसा बढ़ा है। ऐसे में इन महिला अधिकारियों को भी परमानेंट कमीशन का लाभ दिया जाना चाहिए।

उन्‍होंने कहा कि एक पुरुष अधिकारी की तुलना में महिला अधिकारी ढाई गुना ज्यादा काम करती है। इस समय सेना में पूरे केडर की 10 से 11% महिला अधिकारी है। इस संख्या को बढ़ाकर यदि हम 25% कर देंगे तो ज्यादा बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि अभी जो स्थिति है उसके हिसाब से अगले 30 साल के बाद हमारी सेना में हम सेनाध्यक्ष के पद पर भी महिला को बनते हुए देख सकेंगे।

अग्निपथ योजना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह सेना की योजना नहीं है, और इससे सेना की मजबूती प्रभावित होती है। फिलहाल सेना में 1.5 लाख सैनिकों की कमी और एयरक्राफ्ट की भारी आवश्यकता है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल ने की। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत विंग कमांडर राधेश्याम मुकाती, विनीता देव, सुशील यादव, सुरेश उपाध्याय, मुन्तहा शेख, पराग जटाले, राजेंद्र बिल्लोरे, राजा चौकसे ने किया। कार्यक्रम का संचालन मनीषा गौर ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन गौतम कोठारी ने किया।संचालन मनीषा गौर ने किया और आभार गौतम कोठारी ने व्यक्त किया।

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