सतारा के सतकार मूर्ति अन्नासाहेब जाधव वर्ष 2022 के गांधी पुरस्कार से सम्‍मानित

सर्वोदय समाज सम्मेलन में “कस्तूरबा गांधी : एक अनन्य नारी” पुस्‍तक का विमोचन

सेवाग्राम, वर्धा, 16 मार्च, 2023। 48वें सर्वोदय समाज सम्मेलन में सर्वोदय समाज और सर्व सेवा संघ के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। इसमें देश भर से पधारे गांधीवादियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इस वर्ष का विशेष स्थान है क्योंकि यह सर्वोदय समाज और सर्व सेवा संघ की स्थापना का हीरक जयंती वर्ष भी है।

सम्‍मेलन के दौरान वर्ष 2022 का गांधी पुरस्कार, सतारा, महाराष्ट्र के सतकार मूर्ति अन्नासाहेब जाधव को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत एक लाख रुपये की राशि और शॉल प्रदान की गई। वर्ष 2021 में शुरू किया गया गांधी पुरस्कार सर्वोदय विचारों को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता को दिया जाता है।

इस अवसर पर सतकार मूर्ति अन्ना साहेब जाधव ने बताया कि वह पिछले 50 वर्षों से सर्वोदय आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। चेंजमेकर्स के तौर पर हमें राजनीति को जनहित में लाना है। विनोबा के शब्दों में लोकहित कहा जाता है। इस अवसर पर पुरस्कार के प्रायोजक एसडीएम व गांधीवादी मदन मोहन वर्मा, उनकी पत्नी चित्रा वर्मा मौजूद रहीं तथा सम्मान प्रदान किए जाने के उद्देश्य पर अपनी बात रखी।

सम्मेलन में सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल द्वारा लिखित पुस्तक “कस्तूरबा गांधी : एक अनन्य नारी” और सर्व सेवा संघ का मुख पत्र सर्वोदय जगत के विशेषांक का विमोचन किया गया। कस्तूरबा गांधी : एक नारी पुस्तक के बारे में बताते हुए चंदन पाल ने कहा कि महात्मा गांधी या कस्तूरबा गांधी के जीवन पर बंगाली में बहुत कम किताबें उपलब्ध हैं या कम ही लिखी जाती हैं। उनके विचारों को युवाओं तक पहुंचाने का यह एक छोटा-सा प्रयास है। बहुत कम लोग जानते हैं कि कस्तूरबा गांधी दक्षिण अफ्रीका की पहली महिला सत्याग्रही थीं।

See also  विनोबा विचार की अप्रतिम भाष्यकार कालिंदी बहन का पवनार में निधन

Table of Contents

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’

समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके

Read More »

पर्यावरण संरक्षण : केवल पौधारोपण नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल पौधे लगाने का संदेश नहीं देता, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान करता है। जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपभोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास

Read More »

World Environment Day : पर्यावरण संरक्षण पर टिका है भविष्य

पर्यावरण संरक्षण और संतुलन का प्रश्न आज पूरी मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित

Read More »